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विशाखापत्तनम के आरके बीच पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 के दौरान भारतीय नौसेना ने अपना अद्भुत शौर्य दिखाया. समुद्र की लहरें चीरते हुए उभयचर टैंकों की लैंडिंग और हेलीकॉप्टरों से जांबाज कमांडो के स्लिदरिंग ऑपरेशन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया. इस कार्यक्रम में सिटी परेड और वैश्विक नौसेनाओं की भागीदारी ने भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और ‘मिलन-26’ के साझा वैश्विक संकल्प को मजबूती से पेश किया है.
समुद्र की लहरों को चीरता उभयचर टैंक: विशाखापत्तनम के आरके बीच पर आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 के दौरान एक एम्फीबियस कॉम्बैट व्हीकल (उभयचर युद्धक वाहन) ने शानदार बीच लैंडिंग का प्रदर्शन किया. समंदर की लहरों को चीरते हुए इस टैंक का जमीन पर उतरना नौसेना की आक्रामक क्षमता को दर्शाता है. यह प्रदर्शन समुद्री सुरक्षा और तटीय रक्षा में भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का एक छोटा सा हिस्सा है. (PTI)
स्लिदरिंग ऑपरेशन का हैरतअंगेज नजारा: भारतीय नौसेना के सी किंग 42B हेलीकॉप्टर ने विशाखापत्तनम तट के करीब समुद्री प्रदर्शन के दौरान ‘स्लिदरिंग’ ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस खतरनाक युद्धाभ्यास में कमांडो रस्सी के सहारे तेजी से हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते हैं. यह तकनीक दुश्मन के जहाजों पर अचानक हमला करने या बचाव कार्यों के लिए उपयोग की जाती है, जो नौसैनिकों की सक्षमता को प्रमाणित करती है. (PTI)
आसमान में हेलीकॉप्टरों की अद्भुत फॉर्मेशन: विशाखापत्तनम के नीले आकाश में भारतीय नौसेना के विभिन्न हेलीकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरते हुए शानदार फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया. फ्लीट रिव्यू के दौरान हवा में सामंजस्य बिठाते इन विमानों ने दर्शकों का मन मोह लिया. यह फॉर्मेशन न केवल विमानन कौशल को दर्शाती है, बल्कि युद्ध की स्थिति में आपसी समन्वय और संचार की मजबूती को भी रेखांकित करती है. (PTI)
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युद्धपोतों और इंटरसेप्टर क्राफ्ट की गति: समंदर की गहराई में एक ओर भारतीय नौसेना का युद्धपोत शान से खड़ा नजर आया, तो दूसरी ओर एक फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट ने तेज गति से लहरों के ऊपर से गुजरते हुए अपनी क्षमता दिखाई. यह प्रदर्शन तटीय सुरक्षा और घुसपैठियों को रोकने की नौसेना की तत्परता को दर्शाता है. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में इन जहाजों की उपस्थिति भारत की समुद्री संप्रभुता का प्रतीक है. (PTI)
सड़कों पर उतरा सेना का गौरव: विशाखापत्तनम शहर में आयोजित इंटरनेशनल सिटी परेड (ICP) में भारतीय सशस्त्र बलों के मार्चिंग दस्तों ने हिस्सा लिया. अनुशासन और जोश के साथ कदमताल करते सैनिकों ने अपनी वर्दी की गरिमा और देश के प्रति समर्पण को व्यक्त किया. यह परेड जनता और सशस्त्र बलों के बीच के मजबूत रिश्ते को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर साबित हुई. (PTI)
विदेशी नौसेनाओं के साथ वैश्विक जुगलबंदी: सिटी परेड में न केवल भारतीय सैनिक, बल्कि भाग लेने वाले विभिन्न देशों की विदेशी नौसेनाओं के दस्तों ने भी कदमताल किया. यह वैश्विक भागीदारी भारत के बढ़ते राजनयिक प्रभाव और समुद्री सहयोग को दर्शाती है. ‘मिलन-26’ और IFR जैसे आयोजन दुनिया भर की नौसेनाओं को एक साझा मंच प्रदान करते हैं, जिससे समुद्री शांति और सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है. (PTI)
सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम: फ्लीट रिव्यू के दौरान सैन्य शक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक सौहार्द का भी प्रदर्शन हुआ. बिहार के बोधगया में एक नौसेना अधिकारी ने महाबोधि मंदिर के भ्रमण के दौरान एक बौद्ध भिक्षु का अभिवादन कर भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाया. यह दृश्य दर्शाता है कि सेना केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि देश की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों का भी सम्मान करती है. (PTI)


