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Seasonal Business Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के राकेश गुप्ता ने सिर्फ तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की, लेकिन आज वे 12 महीने में 12 अलग-अलग बिजनेस करके लाखों की कमाई कर रहे हैं. उन्होंने महज ₹180 से राखी का बिजनेस शुरू किया था और पहले ही दिन ₹400 कमा लिए थे. इसके बाद उन्होंने तय कर लिया कि वे नौकरी नहीं बल्कि व्यापार करेंगे. आज वे मौसम और त्योहार के अनुसार अपना काम बदलते हैं और सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक कमा रहे हैं. उनकी यह प्रेरणादायक कहानी हर उस युवा के लिए मिसाल है जो कम पढ़ाई के बावजूद बड़ा सपना देखता है.
Business Success Story: कहते हैं डिग्री से नहीं, हिम्मत से कामयाबी मिलती है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के कमल टॉकीज इलाके में रहने वाले राकेश पिता जगदीश प्रसाद गुप्ता इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. पढ़ाई सिर्फ तीसरी तक की, लेकिन दिमाग और मेहनत ऐसी कि आज साल के 12 महीने 12 अलग-अलग बिजनेस करके 3 से 4 लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं.
₹180 से शुरू हुआ था सफर
राकेश बताते हैं कि करीब 25 साल पहले उन्होंने सिर्फ ₹180 का सामान खरीदकर राखी बेचने का काम शुरू किया था. उसी दिन ₹400 की बिक्री हुई. बस वहीं से उन्हें समझ आ गया कि नौकरी से ज्यादा दम बिजनेस में है. उन्होंने ठान लिया कि अब कुछ बड़ा करना है. पढ़ाई में ज्यादा मन नहीं लगा, लेकिन बिजनेस में पूरी जान लगा दी.
मौसम बदला तो बिजनेस भी बदल गया
राकेश का तरीका बड़ा दिलचस्प है. वे मौसम और त्योहार के हिसाब से अपना काम बदल लेते हैं. रक्षाबंधन में राखी, दीपावली में पटाखे, नवरात्रि में फूल और पूजा सामग्री, रमजान में कपड़े और सेवइयां, गर्मी में गन्ने का रस, बाकी समय पानी पुरी का ठेला. सर्दियों में घर-घर जाकर गर्म कपड़े भी बेचते हैं. इसके अलावा समय-समय पर खिलौने और गणपति माता की प्रतिमाएं भी बेचते हैं.
आज 5 से 7 लोगों को दे रहे रोजगार
राकेश की उम्र अभी 36 साल है. कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आज वे अपने साथ 5 से 7 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. उनका कहना है कि अगर मेहनत करने का जज्बा हो तो छोटा काम भी बड़ा बन जाता है.
लोगों की पहली पसंद बन गए राकेश
कमल टॉकीज इलाके में आज उनकी दुकान और ठेला लोगों के लिए भरोसे का नाम बन चुका है. ग्राहक जानते हैं कि हर सीजन में राकेश कुछ नया लेकर आएंगे. यही वजह है कि लोग खास तौर पर उनसे खरीदारी करने आते हैं. राकेश की कहानी बताती है कि हालात चाहे जैसे हों, अगर सोच बड़ी हो तो सफलता जरूर मिलती है. डिग्री जरूरी नहीं, हौसला जरूरी है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें


