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Animal Care Tips: भारत में गाय पालन सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि लाखों किसानों की रोजी-रोटी का बड़ा सहारा है. युवाओं और किसानों के लिए गाय पालन एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है. अगर इसे सही तरीके और सही नस्ल के साथ किया जाए, तो यह खेती से भी ज्यादा मुनाफे वाला काम बन सकता है. खासकर जर्सी नस्ल की गायें, जो स्थानीय नस्लों की तुलना में ज्यादा दूध देती हैं और जिनके दूध में फैट और पोषक तत्व भी भरपूर होते हैं.(रिपोर्ट: राकेश पटेल/सीधी)
जर्सी गाय पालन सही आहार के साथ किया जाए तो दूध उत्पादन और कमाई दोनों बढ़ सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार जर्सी गाय की डाइट में प्रोटीन, अनाज, हरा चारा और मिनरल का संतुलन जरूरी है. दूध देने वाली और सूखी गाय के लिए आहार की मात्रा अलग-अलग रखनी चाहिए. ज्यादा दाना देने से फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है. सही फीड मैनेजमेंट से जर्सी गाय पालन एक मुनाफे का सौदा बन सकता है.
पशु चिकित्सालय के उपसंचालक डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि जर्सी गाय की सेहत और दूध उत्पादन पूरी तरह उसके आहार पर निर्भर करता है. गाय को मिलने वाले चारे में प्रोटीन, फैट, मिनरल और विटामिन का संतुलन होना बेहद जरूरी है. प्रोटीन की कमी होने पर दूध कम हो जाता है और गाय कमजोर पड़ने लगती है.
डॉ. गुप्ता के अनुसार प्रोटीन के लिए सरसों की खल्ली, सोयाबीन की खल्ली, टीसी की खल्ली और सूर्यमुखी की खल्ली बहुत फायदेमंद होती है. इसके साथ मक्का, बाजरा और गेहूं के घट्टे को मिलाकर दाने के रूप में दिया जा सकता है. यह दाना गाय को ताकत देता है और दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है.
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जर्सी गाय के आहार में हरा चारा और भूसा उतना ही जरूरी है जितना दाना. कुल चारे के वजन का करीब 2 प्रतिशत अच्छा मिनरल मिक्सचर और 1 प्रतिशत नमक जरूर देना चाहिए. इससे कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी नहीं होती और हड्डियां व दांत मजबूत रहते हैं.
अगर गाय दूध नहीं दे रही है, तो रोजाना 1 से सवा किलो दाना, करीब 3 किलो भूसा, 15 से 20 किलो हरा चारा पर्याप्त होता है.वहीं दूध देने वाली जर्सी गाय के लिए प्रति 1 लीटर दूध पर करीब 400 ग्राम दाना देना चाहिए, साथ में 4-6 किलो भूसा और 25-30 किलो हरा चारा जरूरी है.
पशुपालक संतोष मिश्रा बताते हैं कि जरूरत से ज्यादा दाना देने पर गाय मोटी हो जाती है और पाचन खराब हो सकता है. दाना हमेशा दिन में दो बार, तय समय पर देना चाहिए. बरसीम, नेपियर घास, हरा मक्का और ज्वार जैसे चारे दूध की मात्रा और क्वालिटी दोनों को बेहतर बनाते हैं.
बासी या खराब भोजन गाय के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे उनकी सेहत बिगड़ सकती है और दूध उत्पादन में कमी आ सकती है. ताजे और पौष्टिक आहार ही गायों को दें. गाय को तैलीय या मसालेदार भोजन नहीं देना चाहिए. इससे उनके पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे उनकी भूख कम हो जाती है और दूध उत्पादन प्रभावित होता है.


