अयोध्या: मानव जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व होता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में परिवर्तन देखने को मिलता है. जिसका प्रभाव शुभ और अशुभ रहता है. ऐसी स्थिति में आज 27 फरवरी है और दिन शुक्रवार है. आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी. आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. किस अक्षर से नाम रखना शुभ रहेगा. इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताएंगे, तो चलिए जानते हैं.
अयोध्या में 27 फरवरी का शुभ संयोग
दरअसल अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि 27 फरवरी 2026 का दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (रात्रि 10:34 बजे तक) में पड़ रहा है. इस दिन चंद्रमा मिथुन राशि में और सूर्य कुंभ राशि में स्थित है. प्रातः 10:49 बजे तक आद्रा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा. आयुष्मान योग शाम 7:43 बजे तक प्रभावी रहेगा, जो दीर्घायु और सकारात्मक ऊर्जा का सूचक माना जाता है.
आद्रा नक्षत्र का प्रभाव, राहु के अधीन बुद्धि और नवाचार
आद्रा नक्षत्र सुबह 10:49 बजे तक रहेगा. आद्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे बुद्धिमान, विश्लेषणात्मक सोच वाले और नवाचारप्रिय होते हैं. ये जीवन में अचानक परिवर्तन या नई दिशा देने वाली परिस्थितियों से गुजर सकते हैं. इनकी कल्पनाशक्ति प्रबल होती है और ये तकनीक, कला या अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में अच्छा कर सकते हैं.
गुरु की कृपा से ज्ञान और संतुलन
पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं, जो ज्ञान, धर्म और सदाचार के प्रतीक हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे शांत, संतुलित और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं.ये शिक्षा, अध्यापन, सलाहकारी या धार्मिक कार्यों में रुचि रख सकते हैं इनका स्वभाव सहृदय और सहयोगी होता है.
मिथुन राशि का प्रभाव और नामकरण के शुभ अक्षर
मिथुन राशि के प्रभाव से बच्चे चंचल, संवादप्रिय और बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं ये जल्दी सीखते हैं, नई चीजों में रुचि लेते हैं और सामाजिक रूप से सक्रिय रहते हैं. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे का नामकरण आद्रा नक्षत्र के अनुसार ही रखा जाएगा. कू, घ, ङ, छ, के, को इसके साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र: के, को, हा, ही रखना शुभ माना जा रहा है.


