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अमेठी जिले के कई स्कूलों, विशेषकर जो मुख्य सड़कों के किनारे स्थित हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को काफी समस्या होती है. बच्चों और अध्यापकों का कहना है कि स्कूलों में शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिससे उनका उपयोग नहीं किया जा सकता इसके साथी पानी की भी दिक्कत होती है इस व्यवस्था को जल्द से जल्द बेहतर तरीके से सही करना चाहिए.
अमेठी: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों को ‘कायाकल्प’ योजना के तहत चमकाने के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी चिंताजनक है. अमेठी जिले के कई परिषदीय स्कूलों से ऐसी तस्वीरें और शिकायतें सामने आ रही हैं, जो न सिर्फ बच्चों के लिए समस्या खड़ा करती हैं बल्कि यहां पर पढ़कने वाले अध्यापकों को भी दिक्कत होती है. आपको बता दें कि कई विद्यालयों में शौचालय जर्जर होने के साथ-साथ बच्चों को स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो रहा है. जिसके कारण उन्हें दिक्कत होती है.
शौचालय के दरवाजे टूटे, गंदगी का अंबार
जिले के कई स्कूलों, विशेषकर जो मुख्य सड़कों के किनारे स्थित हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को काफी समस्या होती है. बच्चों और अध्यापकों का कहना है कि स्कूलों में शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिससे उनका उपयोग नहीं किया जा सकता इसके साथी पानी की भी दिक्कत होती है इस व्यवस्था को जल्द से जल्द बेहतर तरीके से सही करना चाहिए.
लोकल 18 से बातचीत में कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा सौम्या ने कहा कि शौचालय इतने गंदे हैं और दरवाजे टूटे हैं कि हम अंदर नहीं जा सकते. हमें बाहर जाना पड़ता है, जिससे सड़क पर एक्सीडेंट का डर लगा रहता है . अगर शौचालय बन जाएगा तो हम सबको काफी दिक्कत जो होती है वह नहीं होगी इसके साथ ही पानी भी सही से नहीं मिलता उसकी भी व्यवस्था सही होनी चाहिए. वही एक और छात्र ने कहा कि शौचालय का दरवाजा 6 महीने से टूटा है जिसके कारण वहां पर गंदगी हो गई है साफ-सफाई नहीं है. इसके कारण हम सब बाहर जाते हैं सड़क पर गाड़ी आती है तो डर लगता है. इसके अलावा हमारे गुरुजी लोगों को भी दिक्कत होती है इसे सही होना चाहिए.
समस्याओं का किया जा रहा निस्तारण
इस पूरे मामले पर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संजय तिवारी से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्कूलों की समस्याओं का लगातार निस्तारण किया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ये मामले उनके संज्ञान में नहीं हैं उन्होंने आश्वासन दिया कि जहाँ से भी जर्जर शौचालय या पानी की शिकायत प्राप्त होगी, वहां तुरंत टीम भेजी जाएगी. समस्याओं का त्वरित निस्तारण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा विभाग की प्राथमिकता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


