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चंदौली: चंदौली के रेवसा स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को अब मॉडल आईटीआई कॉलेज के रूप में संचालित किया जा रहा है. इस संस्थान में विभिन्न ट्रेडों में औद्योगिक प्रशिक्षण की बेहतर और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है. यहां विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें.
चंदौली. जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रेवसा को मॉडल आईटीआई कॉलेज के रूप में विकसित कर तकनीकी शिक्षा को नई दिशा दी गई है. इस संस्थान को भारत सरकार की ओर से विशेष बजट प्रदान किया गया, जिसके माध्यम से यहां अत्याधुनिक उपकरणों, उन्नत प्रयोगशालाओं और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की स्थापना की गई, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा सके.
छात्रों को मिली बड़ी राहत
संस्थान में विभिन्न ट्रेडों में औद्योगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है. यहां छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता में बढ़ोतरी हो रही है. आधुनिक मशीनों और उपकरणों से सुसज्जित 4 नई लैब की स्थापना की गई है, जिनमें कंप्यूटर लैब भी शामिल है. पहले विद्यार्थियों को ऑनलाइन कार्यों और परीक्षाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें असुविधा होती थी. अब संस्थान परिसर में ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से छात्रों को बड़ी राहत मिली है.
उन्नत प्रशिक्षण की है व्यवस्था
मॉडल आईटीआई के प्रिंसिपल अजय कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने पदभार संभाला, तब संस्थान की स्थिति अच्छी नहीं थी. उन्होंने सुनियोजित नीति और स्पष्ट लक्ष्य के साथ संस्थान के विकास की दिशा में काम शुरू किया. भारत सरकार की सहायता और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संस्थान को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित किया गया. उनके नेतृत्व में यहां आधुनिक लैब, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की गई.
कौशल विकास का मिला अवसर
आगे उन्होंने बताया कि संस्थान में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, प्लंबर और पेंटिंग जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही, छात्राओं के लिए भी विशेष ट्रेड और डिजाइनिंग कोर्स की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो पहले जिले में उपलब्ध नहीं थे. इससे जिले के युवाओं, विशेषकर बालिकाओं को स्थानीय स्तर पर ही कौशल विकास का अवसर मिल रहा है.
संस्थान को मिला रहा निरंतर सहयोग
वहीं, प्रिंसिपल अजय कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन का भी संस्थान को निरंतर सहयोग मिल रहा है. अधिकांश महत्वपूर्ण बैठकें यहीं आयोजित की जाती हैं, जिससे संस्थान की गतिविधियों को और मजबूती मिलती है. उन्होंने कहा कि मॉडल आईटीआई बनने के बाद छात्रों की परीक्षाएं और प्रशिक्षण अब अधिक व्यवस्थित और सुगम हो गए हैं.
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