इस साल होली के दिन होलिका दहन और चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है. 3 मार्च को होलिका दहन है और इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी पड़ने जा रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि ऊर्जा परिवर्तन और मनोवैज्ञानिक हलचल का संकेत है. होलिका दहन अग्नि का और चंद्र ग्रहण चंद्र के, दोनों गहरे प्रतीक हैं. एक बाहरी शुद्धि का तो वहीं दूसरा आंतरिक भावनाओं का. लेकिन त्योहार के दिन चंद्र ग्रहण का होना, क्या कोई विशेष महत्व रखता है? कौनसी वो राशियां हैं जिनपर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है और कौन हैं वो लोग जिन्हें इस दौरान विशेष सतर्कता रखनी चाहिए. जानिए इस संयोग के बारे में सबकुछ ज्योतिषाचार्य श्रुति खरबंदा से.
ज्योतिष और न्यूमरोलॉजिस्ट श्रुति खरबंदा बताती हैं, होलिका दहन अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है. अग्नि का संबंध सूर्य और मंगल से है. सूर्य अहंकार, आत्मबल और पहचान का कारक है, जबकि मंगल क्रिया, साहस और कभी-कभी आवेश का. जब हम होलिका दहन करते हैं, तो प्रतीक रूप में अपने भीतर के क्रोध, अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों को जलाने का संकल्प लेते हैं. दूसरी ओर, चंद्र ग्रहण मन, भावनाओं और जन-भावना पर प्रभाव डालता है. चंद्रमा मानसिक संतुलन का कारक है. ग्रहण के समय राहु-केतु की छाया मन को कुछ समय के लिए संवेदनशील बना सकती है. ऐसे समय में व्यक्ति अधिक भावुक प्रतिक्रिया दे सकता है या दबे हुए मुद्दे अचानक सामने आ सकते हैं.
ज्योतिषाचार्य श्रुति खरबंदा ने News18 हिंदी को बताया, ‘मेरे विश्लेषण के अनुसार, इस संयोग के दौरान बाहरी उत्सव के बीच भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया तेज होगी. कई लोग अपने संबंधों और जीवन दिशा पर दोबारा विचार करेंगे. यह समय भय का नहीं, बल्कि सजगता का है.’
विशेष संकेत: सिंह राशि का प्रभाव
चूंकि इस समय सिंह राशि, जो अग्नि तत्व की राशि है, विशेष रूप से सक्रिय मानी जा रही है. इसलिए मूल रूप से लोग इस बार होली को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि नए उत्साह के साथ मनाना चाहेंगे. अग्नि तत्व साहस और पुनर्जन्म का प्रतीक है. सिंह ऊर्जा के प्रभाव से लोग अपनी समस्याओं से बाहर निकलने का प्रयास करेंगे. जो लंबे समय से मानसिक या बाहरी दबाव में थे, वे अब खुलकर उत्सव मनाने और स्वयं को अभिव्यक्त करने की इच्छा महसूस कर सकते हैं. बाहरी दुखों या सामाजिक दबाव से मुक्ति पाने का भाव प्रबल हो सकता है. यह समय आत्मविश्वास पुनः प्राप्त करने का संकेत देता है.
क्या हो सकते हैं सामान्य प्रभाव
इस अवधि में मेरे अनुभव और ग्रह स्थिति के विश्लेषण के आधार पर मैं देख रही हूँ कि कई लोगों को अपने रिश्तों में स्पष्टता मिल सकती है. अधूरे कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा भी भीतर से जाग सकती है. हालांकि मैं विशेष रूप से सावधान करना चाहूँगी कि सामाजिक और डिजिटल मंचों पर प्रतिक्रियाएँ तेज हो सकती हैं. भावनात्मक माहौल में लोग तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं, इसलिए आधी-अधूरी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है. मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए मैं ध्यान, प्रार्थना या कुछ समय शांत गतिविधियों में बिताने की सलाह देती हूँ. यह समय संयम और सजगता का है.
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