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Mathura Holi News: ब्रज की विश्वप्रसिद्ध होली का आगाज बरसाना में ‘लड्डू होली’ के साथ बड़ी धूमधाम से हुआ. जब बरसाना का पांडा नंदगांव से होली का निमंत्रण स्वीकार होने की खबर लाया, तो लाडलीजी मंदिर में लड्डुओं की बरसात होने लगी. इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए देश-विदेश से 10 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे. 100 क्विंटल लड्डू और टेसू के फूलों से सजी इस होली ने पूरी नगरी को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया.
मथुरा: ब्रज मंडल में होली का असली रंग अब चढ़ने लगा है. इसकी शुरुआत बरसाना के प्रसिद्ध लाडलीजी मंदिर में आयोजित ‘लड्डूमार होली’ से हुई. परंपरा के अनुसार, बरसाना का एक पांडा (दूत) होली का निमंत्रण लेकर नंदगांव के नंद भवन पहुंचा था. वहाँ भगवान कृष्ण और नंद बाबा के समक्ष होली का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सहर्ष स्वीकार कर लिया गया. जब पांडा यह खुशखबरी लेकर वापस बरसाना पहुँचा, तो राधा रानी की सखियों और भक्तों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इसी खुशी में पांडा और भक्तों पर लड्डू लुटाए गए, जिसने एक उत्सव का रूप ले लिया.
मंगलवार को आयोजित इस लड्डू होली को देखने के लिए बरसाना में जनसैलाब उमड़ पड़ा. मंदिर की सफेद छतरी से जब महंतों ने लड्डू लुटाना शुरू किया, तो पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंज उठा. करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया, जिनमें कई विदेशी पर्यटक भी शामिल थे. इस खास उत्सव के लिए 100 क्विंटल लड्डू तैयार किए गए थे. साथ ही, वातावरण को सुगंधित और रंगीन बनाने के लिए राजस्थान और हरियाणा से भारी मात्रा में टेसू के फूल मंगवाए गए थे, जिनका उपयोग प्राकृतिक रंग बनाने में किया गया.
सखियों का पारंपरिक नृत्य और निमंत्रण
लड्डू होली की शुरुआत से पहले बरसाना की सखियां पारंपरिक रूप से सज-धजकर नंदगांव पहुंची. वे अपने सिर पर अबीर और लड्डुओं की मटकी लेकर गई थीं. नंद भवन में सखियों ने लोकगीतों और फाग भजनों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया. इसके बाद ही विधिवत रूप से होली का निमंत्रण दिया गया. इस दौरान भक्तों ने जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया और महिलाओं व बच्चों ने होली के गीतों पर नाचकर अपनी खुशी जाहिर की. यह परंपरा सदियों से ब्रज की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है.
मेले की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. मंदिर के पुजारी राकेश ने बताया कि पूरे बरसाना क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. सड़कों की मरम्मत, डिवाइडर की पेंटिंग और पार्किंग स्थलों की व्यवस्था पहले ही पूरी कर ली गई थी. भक्तों की सेहत का ध्यान रखते हुए कई स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र और दोपहिया एम्बुलेंस तैनात की गई थीं. इसके अलावा, अग्निशमन की गाड़ियां और वॉचटावर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए लगाए गए थे.
तीसरी आंख की पैनी निगरानी
मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया. पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनकी निगरानी मुख्य कंट्रोल रूम से की जा रही थी. संदिग्ध गतिविधियों और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का नियमित इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें. प्रशासन की इस सक्रियता की वजह से लाखों की भीड़ होने के बावजूद आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें


