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Father Murder Case: लखनऊ में जानी-मानी वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे थे. इतना ही नहीं, इस केस को लेकर बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं.
लखनऊ में बेटे ने की पिता की हत्या.
लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर उनके शव के टुकड़े कर दिए. पिता के सिर को काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर फेंका, तो वहीं हाथ-पैर को घर से चार किलोमीटर दूर. पुलिस की पूछताछ में खुद आरोपी बेटे अक्षत ने अपना जुर्म कबूल लिया. मगर, इसी के साथ कई सवाल खड़े हो गए कि आखिर एक बेटा खुद अपने पिता की इतनी बेरहमी से हत्या कैसे कर सकता है. अब इस केस में एक के बाद एक चौंकाने वाली परत खुलती जा रही है. आइए जानते हैं सब.
100 किलो वजन, चाकू और आरी
लखनऊ में जानी-मानी वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे थे. इतना ही नहीं, दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अक्षत को यह नहीं समझ में आ रहा था कि वह 100 किलो वजन वाले पिता के शव को कैसे ठिकाने लगाए? शव को वह अकेले उठा भी नहीं सकता था. इस वजह से शव के टुकड़े करने के लिए ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई.
क्या-क्या खरीदा?
इसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. हाथ-पैर काटकर फेंकने के बाद धड़ को ठिकाने लगाने के लिए ब्रेजा कार में रखने लायक साइज का नीला ड्रम खरीदकर लाया. आर्मी पैटर्न की मोटी पॉलिथीन और 20 लीटर तारपिन का तेल खरीदा. जब लगा कि वह धड़ को ठिकाने नहीं लगा पाएगा तो उसने पारिवारिक वकील को कॉल कर मिलने की कोशिश की. उसने फोन करके अकेले मिलने की जिद की. कहा- बहुत जरूरी बात करनी है. हालांकि, कोर्ट में व्यस्त होने के कारण वकील उससे मिल नहीं पाए.
यह हैं पुलिस के सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिता की हत्या करने के बाद शक से बचने के लिए अक्षत ने एक और चाल चली थी. वह अपने एक साथी के साथ पिता की गुमशुदगी दर्ज कराने आशियाना थाने पहुंचा. उसने कई लोगों को फोन किए, ताकि किसी को यह पता न चल सके कि वही हत्यारा है. घटना के दिन से लेकर गिरफ्तारी तक उसने 135 फोन किए. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन-किन लोगों से बात की? किससे मदद लेने की कोशिश की? उनमें से किसी ने उसकी किसी तरह की मदद तो नहीं की.
पुलिस 25 फरवरी को अक्षत को जेल भेजकर मामले का खुलासा कर चुकी है. हालांकि, परिवार और पड़ोसियों को पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं हो रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह के पोस्ट और कमेंट कर रहे हैं. मानवेंद्र के पड़ोसी मित्र अंशुमान दुबे ने फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखकर रिश्तों की कड़वाहट की ओर इशारा किया है. उन्होंने लिखा कि अक्षत 11 साल का था, जब उसकी मां ने आत्महत्या की थी. उस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने मानवेंद्र को ही दोषी ठहराया और यह धारणा कभी बदली नहीं. पिता और बच्चों के बीच दूरी बनी रही. रिश्तेदारों और करीबियों ने बच्चों के मन में पिता के प्रति जहर भरा. मानवेंद्र का एक महिला मित्र से संबंध भी चर्चा में रहा, जिससे उनकी छवि बच्चों की नजर में और खराब हुई.
सनसनीखेज हत्याकांड की टाइमलाइन
- 19 फरवरी 2026: पिता मानवेंद्र सिंह और बेटे अक्षत प्रताप सिंह के बीच विवाद हुआ. कुछ रिपोर्ट्स में 50 लाख रुपये (शराब ठेके के रिन्यूअल से जुड़े) या अन्य पारिवारिक/आर्थिक बातों पर बहस और हाथापाई बताई गई हैं.
- 20 फरवरी 2026: अक्षत ने पिता की लाइसेंसी .315 राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. विवाद की वजह शुरुआत में NEET परीक्षा की तैयारी का दबाव बताई गई, लेकिन बाद में पैसे/ठेके का मुद्दा भी सामने आया.
- 20 फरवरी के बाद (हत्या के तुरंत बाद): अक्षत ने शव को चाकू/आरी से टुकड़ों में काटा (हाथ कंधे से, पैर घुटनों से ऊपर, सिर अलग, धड़ को और छोटा करने की कोशिश लेकिन रीढ़ न कटने से अधूरा रहा). धड़ को घर में नीले ड्रम में छिपाया, कुछ हिस्से (जैसे हाथ-पैर) नादरगंज/ट्रांसपोर्ट नगर आदि जगहों पर फेंके. छोटी बहन कृति को धमकाकर/कमरे में बंद रखकर चुप रखा.
- 20 फरवरी से लापता: मानवेंद्र सिंह को गायब दिखाया गया.
- 21 फरवरी 2026: अक्षत ने खुद पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
- 23 फरवरी 2026: पुलिस पूछताछ में अक्षत ने हत्या कबूल की. उसकी निशानदेही पर घर के कमरे में नीले ड्रम से धड़ बरामद हुआ.
- 24-25 फरवरी 2026: पुलिस ने मामले का खुलासा किया. अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
- 26-27 फरवरी 2026: अक्षत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें


