27 की उम्र में छोड़ी एक्टिंग, बना बिजनेस टायकून! चॉकलेटी हीरो अब संभाल रहा 8,000 करोड़ की कंपनी

Date:


Success Story: 2013 में सिनेमाघरों में एक फिल्म रिलीज हुई, जिसका नाम था रमैया वस्ताय्या (Ramaiya Vastavaiya). इस फिल्म से एक चॉकलेटी लुक वाले लड़के ने बॉलीवुड में कदम रखा. नाम था गिरीश कुमार. फिल्म हिट रही, गाने हर जुबान पर थे और रातों-रात गिरीश कुमार लड़कियों का क्रश बन गया. लगा कि बॉलीवुड को एक नया सुपरस्टार मिल गया है. लेकिन किसे पता था कि जो चेहरा करोड़ों दिलों की धड़कन बना हुआ है, वह चंद सालों में फिल्मी चकाचौंध को अलविदा कहकर चला जाएगा. महज 27 साल की उम्र में, जब एक्टर्स अपने करियर को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, गिरीश ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान कर दिया. उन्होंने एक्टिंग छोड़ी और कैमरे के पीछे की उस दुनिया में चले गए जहां ग्लैमर कम और जिम्मेदारी ज्यादा थी.

गिरीश कुमार का जन्म 30 जनवरी 1989 को मुंबई के एक ऐसे परिवार में हुआ था, जिसका नाम संगीत और फिल्मों की दुनिया में बहुत बड़ा था. उनके पिता कुमार तौरानी (Kumar S. Taurani) टिप्स इंडस्ट्रीज के मालिक हैं. घर में बचपन से ही बिजनेस और फिल्मों की बातें होती थीं. गिरीश को शुरू से ही एक्टिंग का शौक था. वह चाहते तो सीधे किसी बड़े रोल से शुरुआत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने खुद को तैयार किया. एक्टिंग सीखी, डांस क्लास गए और अपनी फिटनेस पर काम किया. जब प्रभु देवा ने उन्हें ‘रमैया वस्ताय्या’ के लिए चुना, तो यह उनके लिए एक बड़ा मौका था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और गिरीश को बेस्ट डेब्यू एक्टर के कई नॉमिनेशन मिले. इसके बाद 2016 में उनकी दूसरी फिल्म ‘लवशुदा’ आई. हालांकि यह फिल्म पहली वाली जितनी सफल नहीं रही, लेकिन गिरीश की एक्टिंग की तारीफ हुई.

असली ताकत सिस्टम रन करने वाले पास

गिरीश के मन में कुछ अलग चल रहा था. उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग की दुनिया में सफलता और विफलता बहुत हद तक किस्मत और बाहरी चीजों पर निर्भर करती है. दूसरी तरफ उनका पारिवारिक बिजनेस था, जिसे उनके पिता और चाचा ने खून-पसीने से सींचा था. गिरीश को लगा कि वह सिर्फ पर्दे पर दिखने तक सीमित नहीं रहना चाहते. उन्हें समझ आया कि असली ताकत उस सिस्टम को चलाने में है, जो मनोरंजन पैदा करता है. 27 साल की उम्र में, जब उनके पास फिल्मों के ऑफर थे, उन्होंने अपनी जैकेट उतारी, मेकअप साफ किया और ऑफिस की कुर्सी संभाल ली. यह कोई मजबूरी में लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी.

शुरुआत आसान नहीं थी. टिप्स इंडस्ट्रीज एक बहुत बड़ा नाम था, लेकिन वक्त बदल रहा था. फिजिकल सीडी का जमाना खत्म हो चुका था और इंटरनेट की दुनिया पैर पसार रही थी. गिरीश ने कंपनी में निचले स्तर से काम सीखना शुरू किया. उन्होंने समझा कि म्यूजिक राइट्स कैसे खरीदे जाते हैं, यूट्यूब पर कंटेंट कैसे मैनेज होता है और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ डील कैसे की जाती है. वह अक्सर मीटिंग्स में चुपचाप बैठकर बड़े अनुभवी लोगों की बातें सुनते थे. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जगह बनाई. उन्होंने महसूस किया कि टिप्स के पास गानों का जो पुराना खजाना है, वह डिजिटल युग में सोने की खान साबित हो सकता है.

हजारों हिट गानों को गिरीश ने किया डिजिटल

बिजनेस का मॉडल तो बहुत सीधा था, लेकिन इसे बड़े स्तर पर लागू करना मुश्किल था. टिप्स के पास हजारों हिट गानों की लाइब्रेरी थी. गिरीश ने इन गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सही तरीके से पेश करने पर काम किया. उन्होंने देखा कि कैसे म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स और यूट्यूब से कंपनी की कमाई को कई गुना बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने नए टैलेंट को मौका देने और म्यूजिक वीडियो के प्रोडक्शन की क्वालिटी सुधारने पर जोर दिया. उनकी मेहनत का नतीजा यह हुआ कि टिप्स इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार में भी जबरदस्त प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.

आज स्थिति यह है कि टिप्स इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप करीब 8,000 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है. गिरीश अब केवल एक पूर्व एक्टर नहीं हैं, बल्कि इस बड़े साम्राज्य के मुख्य स्तंभों में से एक हैं. वह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर हर छोटे-बड़े फैसले में शामिल होते हैं. जो लड़का कभी कैमरे के सामने हीरो बनने का सपना देखता था, वह अब सैकड़ों लोगों को रोजगार देने वाले बिजनेस को लीड कर रहा है. उनकी लीडरशिप में कंपनी ने न केवल पुराने गानों को रिमिक्स किया, बल्कि रिफ्यूजी और ‘गदर 2’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के म्यूजिक के साथ अपनी धाक जमाए रखी.

टिप्स में क्या-क्या संभालते हैं गिरीश

इतने बड़े बदलाव के बावजूद गिरीश जमीन से जुड़े इंसान बने रहे. वह लाइमलाइट से दूर रहते हैं और अपना पूरा वक्त काम और परिवार को देते हैं. उनके इस फैसले पर कई बार सवाल उठे कि क्या वह एक्टिंग में फेल हो गए थे? लेकिन गिरीश का मानना है कि सफलता की कोई एक परिभाषा नहीं होती. किसी के लिए सफलता कैमरे के सामने तालियां बटोरना है, तो किसी के लिए पर्दे के पीछे रहकर हजारों करोड़ की वैल्यू खड़ी करना. उन्होंने वह रास्ता चुना जिसमें उन्हें सुकून और भविष्य नजर आया.

गिरीश कुमार तौरानी अभी कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और म्यूजिक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) हैं. वे 2020 से इस भूमिका में हैं. गिरीश कंपनी के म्यूजिक डिवीजन के ऑपरेशंस को संभालते हैं, जिसमें म्यूजिक कंटेंट का क्रिएशन, एक्विजिशन, डिजिटल लाइसेंसिंग और मोनेटाइजेशन शामिल है. वे कंपनी की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे नए गानों की रिलीज (फिल्म और नॉन-फिल्म), डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे Spotify, YouTube) के साथ पार्टनरशिप, और बाजार विस्तार. वे अपने पिता कुमार तौरानी और चाचा रमेश तौरानी के साथ मिलकर कंपनी को चलाते हैं. मार्च 2025 तक की जानकारी के मुताबिक, उनकी सालाना सैलरी लगभग 90 लाख रुपये है, जिसमें सैलरी, बोनस आदि शामिल थे.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related