40 हजार से शुरू किया सफर, स्टूडेंट से बने स्टार्टअप किंग, कोटा के दो भाइयों ने ऐसे बनाया ‘थापा जी मोमोज’ को ब्रांड

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कोटा. राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा में हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को साकार करने आते हैं. इन्हीं छात्रों के बीच साल 2011 में एक साधारण स्टूडेंट के रूप में पहुंचे प्रियेश यादव ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनका छोटा सा फूड स्टॉल करोड़ों का ब्रांड बन जाएगा. मेहनत, सही सोच और लगातार प्रयासों का नतीजा है कि आज “थापा जी मोमोज” कोटा ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी पहचान बना रहा है.

साल 2019 में प्रियेश यादव ने अपने छोटे भाई अमरेश यादव के साथ मिलकर महज 40 हजार रुपये की पूंजी से “थापा जी मोमोज” की शुरुआत की. शुरुआत एक छोटे से स्टॉल के रूप में की गई थी. इससे पहले दिल्ली में इसका प्रयोग किया गया, लेकिन कोटा में छात्रों की बड़ी संख्या और मजबूत लोकल मार्केट को देखते हुए यहां विस्तार का फैसला लिया गया. यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ और देखते ही देखते थापा जी मोमोज छात्रों और स्थानीय लोगों की पहली पसंद बन गया.

कोटा में चार स्टॉल और तीन आउटलेट हैं संचालित

आज कोटा शहर में थापा जी मोमोज के चार स्टॉल और तीन आउटलेट संचालित हो रहे हैं. गुमानपुरा, तलवंडी, राजीव गांधी नगर, जवाहर नगर और कोरल पार्क जैसे प्रमुख इलाकों में इनके कियोस्क और आउटलेट मौजूद हैं. यहां रोजाना सैकड़ों लोग मोमोज का स्वाद लेने पहुंचते हैं. स्वाद, गुणवत्ता और किफायती दाम ने इस ब्रांड को तेजी से लोकप्रिय बना दिया. प्रियेश यादव बताते हैं कि इस स्टार्टअप की असली सोच उनके छोटे भाई अमरेश यादव की थी.

2 से 2.50 करोड़ है सालाना इनकम

अमरेश ने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह बिजनेस पर फोकस किया, जबकि प्रियेश ने ग्रेजुएशन के साथ-साथ बिजनेस मॉडल को संभाला. दोनों भाइयों ने बाजार की गहरी रिसर्च की, ग्राहकों की पसंद को समझा और मार्केटिंग में यूनिक अप्रोच अपनाई. यही वजह रही कि उनका यह छोटा सा प्रयोग कुछ ही सालों में करीब 15 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू करने वाला ब्रांड बन गया. फिलहाल यह बिजनेस सालाना करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये की आय दे रहा है.

2025 में सबसे अधिक ऑर्डर का कीर्तिमान स्थापित किया

साल 2025 में थापा जी मोमोज ने एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया. एक ही दिन में स्विग्गी और जोमैटो के माध्यम से 2200 से अधिक ऑर्डर मिले, जो राजस्थान में अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इस उपलब्धि के लिए कंपनी को विशेष सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया. वर्तमान में करीब 35 लोग इस बिजनेस मॉडल से जुड़े हुए हैं, जिन्हें इससे रोजगार मिल रहा है. वहीं, 2024-25 में “बेस्ट चाइनीज़ रेस्टोरेंट अवॉर्ड” से भी थापा जी मोमोज को सम्मानित किया गया.

देशभर से 450 से अधिक फ्रेंचाइजी रिक्वेस्ट मिल चुकी है

अमरेश यादव भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हैं कि अब तक देशभर से 450 से अधिक फ्रेंचाइजी रिक्वेस्ट मिल चुकी है. कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में 50 नए आउटलेट खोलने का है. इसके साथ ही पूरे भारत और विदेशों में भी फ्रेंचाइजी मॉडल पर विस्तार की तैयारी चल रही है. कोटा में एक सेंट्रलाइज्ड किचन और वेयरहाउस भी तैयार किया जा रहा है, जहां से पूरे राजस्थान में सप्लाई की जाएगी. कोटा में एयरपोर्ट सुविधा शुरू होने के बाद देश और विदेश तक ब्रांड पहुंचाने की योजना है.

अमरेश का कहना है कि विदेशी पर्यटकों को भी उनके मोमोज काफी पसंद आते हैं, इसलिए आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फ्रेंचाइजी खोलने की तैयारी है. कुल मिलाकर, मात्र 40 हजार रुपये से शुरू हुआ यह सफर आज करोड़ों के कारोबार तक पहुंच चुका है. थापा जी मोमोज न सिर्फ युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है, बल्कि यह बताता है कि सही सोच, मेहनत और लगन से छोटे शहर से भी बड़ा ब्रांड खड़ा किया जा सकता है.



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