गाजीपुर: सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा की फिजिक्स परीक्षा आज संपन्न हुई. गाजीपुर के परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. किसी के लिए पेपर उम्मीद के मुताबिक था, तो किसी के लिए यह शॉकिंग’ रहा. छात्रों ने टाइम मैनेजमेंट और पेपर के पैटर्न पर विस्तार से अपनी बात रखी.
छात्र आदित्य पाठक ने बताया कि इस बार का पेपर थोड़ा चौंकाने वाला रहा. उन्होंने कहा, पिछली बार की तुलना में इस बार डेरिवेशन की संख्या काफी अधिक थी. हालांकि, अच्छी बात यह रही कि जो डेरिवेशन हमने तैयार किए थे, जैसे ‘मिरर फॉर्मूला’ और ‘लेंस फॉर्मूला’, वे परीक्षा में पूछे गए. इस बार थ्योरिटिकल पोर्शन भी थोड़ा ज्यादा देखने को मिला.
सिलेबस के अनुकूल था पेपर
सत्यम के अनुसार, पेपर पूरी तरह सिलेबस पर आधारित और मॉडरेट (औसत) था. कुछ भी आउट ऑफ सिलेबस नहीं पूछा गया. वहीं, सत्यव्रत ने अपनी तैयारी का श्रेय शिक्षकों को देते हुए कहा, शिक्षकों ने जो पढ़ाया था और सैंपल पेपर्स से जो प्रैक्टिस की थी, उससे काफी मदद मिली. कोई भी सवाल उम्मीद से बाहर का नहीं था.
2-3 नंबर वाले सवाल थे कठिन
पेपर के कठिनाई स्तर को समझाते हुए सत्यम ने बताया कि छोटे सवाल ज्यादा चुनौतीपूर्ण थे. उन्होंने कहा, दो और तीन नंबर वाले प्रश्न काफी टिपिकल (कठिन) थे, जबकि पांच नंबर वाले प्रश्न अपेक्षाकृत सरल और मॉडरेट थे. बड़े सवालों ने काफी राहत दी.
एवरेज छात्रों के लिए थोड़ा हार्ड
छात्रा साक्षी ने बताया कि एक औसत छात्र के लिए पेपर ‘लिटिल बिट हार्ड’ (थोड़ा कठिन) कहा जा सकता है. उन्होंने सत्यम की बात का समर्थन करते हुए कहा कि दो और तीन नंबर के सवाल काफी कठिन थे, लेकिन पांच नंबर के सेक्शन में डेरिवेशन काफी ज्यादा आए थे, जो आसान थे. टाइम मैनेजमेंट पर बात करते हुए साक्षी ने कहा, पेपर निसंदेह लेंदी (लंबा) था, लेकिन अब फिजिक्स का पेपर खत्म होने के बाद एक बड़ी राहत महसूस हो रही है.


