18 फरवरी को हुआ है बच्चे का जन्म, तो यहां जानिए कैसा रहेगा उसका ग्रह-नक्षत्र और किन अक्षरों से रखें नाम

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अयोध्या: हिंदू धर्म में पंचांग ग्रह नक्षत्र और ज्योतिष का विशेष महत्व होता है. इसी के आधार पर व्यक्ति के जन्म से लेकर और मृत्यु तक के भविष्य का आकलन किया जाता है. व्यक्ति के जन्म के समय ग्रह नक्षत्र का विशेष प्रभाव होता है. ऐसी स्थिति में आज 18 फरवरी है आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी. राशि के स्वामी कौन होंगे. आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर किस तरह प्रभाव पड़ेगा. किस क्षेत्र में उन्नति मिलेगी. इन तमाम बातों को जानने के लिए चलिए विस्तार से इस रिपोर्ट में जानते हैं.

अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम ने 18 फरवरी, बुधवार के दिन की ग्रह-नक्षत्र स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उनके अनुसार आज के दिन का आरंभ कुंभ राशि से हो रहा है, जबकि नक्षत्र शतभिषा है. शतभिषा नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव माने जाते हैं, ऐसे में आज जन्म लेने वाले बच्चों पर शनि और राहु दोनों का संयुक्त प्रभाव देखने को मिलेगा.

शनिदेव की विशेष कृपा रहेगी

ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज प्रातः काल में जन्म लेने वाले बच्चे अत्यंत बुद्धिमान, तर्कशील और व्यवहार कुशल होंगे. इन बच्चों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहेगी, जिसके कारण इन्हें जीवन में कम प्रयास में भी बड़ी सफलता मिलने की संभावना रहती है. ऐसे बच्चे पढ़ाई, तकनीकी क्षेत्र और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में आगे बढ़ सकते हैं. हालांकि, स्वभाव में थोड़ी चिड़चिड़ाहट और जिद देखने को मिल सकती है, लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर यही गुण इन्हें दृढ़ निश्चयी भी बनाता है.

मध्यान बेला में जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्य

मध्यान बेला में जन्म लेने वाले बच्चों पर मंगल देवता का प्रभाव विशेष रूप से देखा जाएगा. ऐसे जातक साहसी, आत्मविश्वासी और संघर्षशील होते हैं. ये किसी भी परिस्थिति में हार मानने वालों में से नहीं होते और लक्ष्य प्राप्ति तक डटे रहते हैं. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, ये बच्चे मांगलिक प्रवृत्ति के भी हो सकते हैं. लेकिन माता-पिता और परिवार के प्रति इनका व्यवहार सहयोगात्मक और सम्मानपूर्ण रहेगा. सेना, पुलिस, खेल, इंजीनियरिंग या जोखिम भरे क्षेत्रों में इन्हें सफलता मिलने के योग बनते हैं.

प्रारंभिक जीवन थोड़ा चुनौतीपूर्ण

वहीं शाम के समय जन्म लेने वाले बच्चों के लिए प्रारंभिक जीवन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है पंडित कल्कि राम के अनुसार, ऐसे बच्चों को जन्म से लेकर लगभग तीन वर्ष की आयु तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रह सकती है, इसलिए माता-पिता को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. उचित देखभाल और समय पर चिकित्सा से आगे चलकर स्वास्थ्य में सुधार संभव है.

किन अक्षरों से रखें नाम

ज्योतिषाचार्य ने यह भी बताया कि 18 फरवरी को जन्म लेने वाले सभी बच्चों का नामकरण कुंभ राशि के अनुसार करना शुभ रहेगा. कुंभ राशि के ( ग, स, श, सू, से, द) अक्षरों से रखा गया नाम बच्चों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, स्थिरता और प्रगति लाने में सहायक माना जाता है कुल मिलाकर यह दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, जिसमें सही मार्गदर्शन से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है



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