Leaf Greens Easy Recipe: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मी का मौसम शुरू होते ही तीन पत्तियां भाजी खाने का चलन बढ़ जाता है. यह भाजी प्राकृतिक रूप से खेतों और आसपास की जमीन पर अपने-आप उग आती है, जिसे ग्रामीण लोग तोड़कर घर में पकाते हैं और बाजारों में भी बेचते हैं. स्वाद और सेहत से भरपूर यह भाजी गर्मी के दिनों में शरीर के लिए बेहद लाभदायक मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. तीन पत्तियां भाजी न सिर्फ देसी स्वाद का अहसास कराती है, बल्कि गर्मी में शरीर को ठंडक और ताकत भी देती है. जानिए तीन पत्तियां भाजी बनाने की आसान रेसिपी…
सबसे पहले तीन पत्तियां भाजी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और काटकर अलग रख दें. इसके बाद कढ़ाही में तेल गरम करें. तेल गरम होने पर उसमें कटा हुआ लहसुन और प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें कटी हुई भाजी डालकर अच्छी तरह चलाएं और ढककर कुछ देर पकने दें. जब भाजी अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें स्वादानुसार नमक और कटे हुए टमाटर डालें. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट तक पकाएं. इस तरह देशी स्टाइल में स्वादिष्ट तीन पत्तियां भाजी तैयार हो जाती है. जो लोग अब तक इस भाजी का स्वाद नहीं चख पाए हैं, उन्हें कम से कम एक बार जरूर खाना चाहिए. यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि गर्मी के मौसम में शरीर के लिए बेहद फायदेमंद भी होती है. देखिए ये रिपोर्ट…
अपने आप उगने वाली देसी भाजी का गर्मी में बढ़ा क्रेज
लच्छू बताते हैं कि इस भाजी का नाम तीन पत्तिया भाजी है. यह खास बात है कि यह भाजी खेत-खलिहान और आसपास के इलाकों में अपने आप उग आती है. कई बार लोग इसे खुद तोड़कर लाते हैं, तो कई बार बाजार से खरीदकर घर में बनाते हैं. गर्मी के मौसम में यह भाजी आसानी से मिल जाती है, जबकि बरसात के मौसम में यह बहुत कम देखने को मिलती है.
देसी अंदाज में बनाने की विधि
तीन पत्तिया भाजी बनाने की शुरुआत सबसे पहले इसे साफ पानी से अच्छी तरह धोने से होती है. धोने के बाद भाजी को काटकर अलग रख दिया जाता है. इसके बाद प्याज और लहसुन को काटकर तैयार किया जाता है. कढ़ाही में तेल डालकर पहले लहसुन और प्याज को अच्छे से भुना जाता है. जब प्याज हल्का लाल हो जाता है, तब उसमें कटी हुई भाजी डाली जाती है और अच्छी तरह पकाया जाता है. भाजी पकने के बाद टमाटर डाले जाते हैं और कुछ देर और पकाकर सब्जी तैयार की जाती है. देसी तरीके से बनी यह सब्जी स्वाद में बेहद लाजवाब होती है.
बिना केमिकल, पूरी तरह शुद्ध सब्जी
लच्छू का कहना है कि तीन पत्तिया भाजी पूरी तरह शुद्ध होती है. इसमें किसी भी तरह का केमिकल या मिलावट नहीं होती. यही वजह है कि इसका स्वाद एकदम देसी और प्राकृतिक होता है. वे बताते हैं कि जो लोग इस भाजी को बनाना या खाना नहीं जानते, उन्हें एक बार जरूर इसका तरीका सीखना चाहिए, क्योंकि जो इसे खाता है, वही इसका असली स्वाद समझ पाता है.
सेहत के लिए भी फायदेमंद
स्वास्थ्य को लेकर लच्छू बताते हैं कि यह भाजी शरीर के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है. डॉक्टर भी हरी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं. भले ही उन्हें इसके पोषक तत्वों की पूरी जानकारी न हो, लेकिन स्वाद अच्छा होने और शरीर को फायदा पहुंचाने के कारण वे इसे नियमित रूप से खाते हैं.
घर पर ऐसे बनाएं तीन पत्तिया भाजी
अगर कोई इसे घर पर बनाना चाहता है, तो सबसे पहले भाजी को अच्छे से धोकर काट लें. फिर प्याज, लहसुन और टमाटर तैयार करें. कढ़ाही में तेल गरम कर पहले लहसुन-प्याज भूनें, फिर भाजी डालकर पकाएं और अंत में टमाटर डालकर स्वादिष्ट देसी सब्जी तैयार करें.
गर्मी में स्वाद और सेहत का संगम
गर्मी के मौसम में मिलने वाली तीन पत्तिया भाजी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. यही वजह है कि गांवों में आज भी लोग इस देसी भाजी को बड़े चाव से बनाते और खाते हैं.


