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Bollywood Blockbuster Movie : बॉलीवुड फिल्मों में हीरोइन की खूबसूरती, उसके कपड़े स्टाइल बन जाते हैं. हीरोइन जितनी स्टाइलिश होगी, मूवी उतनी ही सुपरहिट होगी, इस तरह की धारणा आम दर्शकों के मन में रहती है. बॉलीवुड की एक ब्लॉकबस्टर मूवी में इसका ठीक उल्टा सीन देखने को मिला था. डायरेक्टर ने एक्ट्रेस को पूरी फिल्म में दो से ज्यादा कपड़े नहीं पहनने दिए. एक्ट्रेस ने कई बार रिक्वेस्ट की. कई बार डायरेक्टर के सामने रोई लेकिन डायरेक्टर का दिल नहीं पसीजा. कई बार एक्ट्रेस की आंखों में आंसू भी आ गए. मन मानकर काम किया. फिल्म के रिलीज होने पूरे देश में बवाल हो गया. मूवी को बैन किए जाने की भी मांग हुई. फिल्म के गानों की लोकप्रियता का आलम यह था कि एक करोड़ कैसेट सिर्फ एक हफ्ते में बिक गए थे. मूवी ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. यह मूवी कौन सी थी, आइये जानते हैं…….
साल था 1993. अगस्त का महीना था. इसी महीने में भारी विरोध के बीच एक ऐसी एक्शन क्राइम एक्शन फिल्म रिलीज हुई जिसके किरदार, गाने आज तक लोगों के दिल-दिमाग में बसे हुए है. फिल्म का दो गाने आज भी शादी-फंक्शन में डीजे पर सुनाई दे जाते हैं. यह ऐसी फिल्म थी जिसमें एक्ट्रेस को दो ड्रेस से ज्यादा कपड़े डायरेक्टर ने नहीं पहनने दिए. फिल्म का नाम था खलनायक जो कि 6 अगस्त 1993 को रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी सुभाष घई ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले राम केलकर और डायलॉग कमलेश्वर पांडेय ने लिखे थे. फ़िल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन सुभाष घई ने किया था.
खलनायक फिल्म ने संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, जैकी श्रॉफ लीड रोल में थे. विलेन के रोल में प्रमोद मुथु थे. राखी गुलजार, अनुपम खेर जैसे सितारे सपोर्टिंग रोल में थे. फिल्म में संजय दत्त ने क्रिमिनल बल्लू का, जैकी श्रॉफ ने राम का जबकि माधुरी दीक्षित ने गंगा का किरदार निभाया था. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का एक गाना ‘चोली के पीछे क्या है’ इतना पॉप्युलर हुआ था कि 1 करोड़ ऑडियो कैसेट तो एक हफ्ते के भीतर ही बिक गए थे.
खलनायक फिल्म में डायरेक्टर सुभाष घई ने कई बार माधुरी दीक्षित को डांटा, उन्हें रुलाया. इसके पीछे का किस्सा घई ने कुछ यूं शेयर किया था, ‘एक्टर्स बिगड़े हुए बच्चों की तरह होते हैं. मैंने माधुरी दीक्षित को भी खूब रुलाया है. मेरी एक फिल्म थी खलनायक. पूरी फिल्म में उसके लिए सिर्फ दो ड्रेस थीं. क्योंकि वो किडनैप हुई लड़की का किरदार निभा रही थी, उसी की पिक्चर में कहानी है, उसको विलेन किडनैप कर लेता है, और पूरी पिक्चर उसी पर चलती है, ऐसे में वो बैग लेकर थोड़े आएगी. उसकी दो ड्रेस मैंने बनाई थीं. कभी पीली, कभी लाल. बेचारी हर शूटिंग में तंग रहती थी और बोलती थी कि दूसरी ड्रेस पहन लूं क्या? मैंने कहा कि बिल्कुल नहीं पहनोगी. जब गाने आएंगे तो मैं तुम्हें तीन गुना ज्यादा संवार दूंगा.’
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सुभाष घई ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘खलनायक एक ऐसे लड़के की कहानी है जो एक लड़की को किडनैप कर लेता है, फिर उसी से प्यार हो जाता है. लड़की के लिए सैक्रिफाइस करता है. खलनायक को बहुत ही मेहनत से बनाया गया. संजय दत्त, माधुरी और जैकी श्रॉफ ने बहुत अच्छा काम किया. संजय दत्त ने इसमें वैसा ही काम किया, जैसा मैं चाहता था. उसका लुक, बातचीत सबकुछ मेरी स्क्रिप्ट में डिजाइन था, इसीलिए बल्लू का किरदार हिंदी सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा.’
खलनायक फिल्म के दोनो गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ और ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’ बहुत मकबूल हुए थे लेकिन इस फिल्म का एक गाना ‘मां तुझे सलाम’ सुभाष घई को बेहद पसंद था. इस गाने को जगजीत सिंह ने गाया था.
फिल्म के सबसे पॉप्युलर गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ के बनने का किस्सा और भी दिलचस्प है. सुभाष घई ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और आनंद बख्शी के साथ मैं बैठा हुआ था. बख्शी साहब ने पूछा कि तुम्हें किस तरह का गाना चाहिए. मैंने कहा कि एक सिचुएशन है कि पुलिस वाली लड़की विलेन को लुभाना चाहती है. कुछ दिनों बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि गाना तैयार है. मैंने पेन उठाया. गाने की पहली लाइन थी कि ‘चोली के पीछे क्या है’ इतना सुनते ही मेरे हाथ से फोन छूट गया था.’
‘चोली के पीछे क्या है’ सॉन्ग में नीना गुप्ता को सिर्फ 30 सेकंड का रोल मिला था. खलनायक की टोटल मार्केटिंग में सिर्फ 15 लाख रुपये खर्च हुए थे. फिल्म को लेकर बहुत कंट्रोवर्सी हो गई थी. लोगों ने प्रोटेस्ट करके खुद ही बहुत पब्लिसिटी कर दी थी. ट्रेजडी हो गई. हीरो संजय दत्त जेल चले गए. चोली के पीछे गाना सुपरहिट हो गया.
फिल्म में संजय दत्त का किरदार निगेटिव था. फिल्म का क्लाइमैक्स सीन शूट होने के बाद संजय दत्त को 1993 के मुंबई बम बलास्ट केस के सिलसिले में जेल जाना पड़ा था. बॉलीवुड से जुड़े फिल्मकारों-आलोचकों का मानना था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. फिल्म को बैन किए जाने की भी मांग की गई थी. कई जगह पर प्रदर्शन हुए. सुभाष घई ने फिल्म मे 10 प्रीमियर शो रखे. जब संजय दत्त इन प्रीमियर शो में माधुरी दीक्षित के साथ पहुंचे तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी. संजय दत्त की इमेज का फायदा उठाते हुए 6 अगस्त 1993 को फिल्म को रिलीज किया. सुभाष घई का अंदाज सही निकला. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर मूवी साबित हुई. फिल्म ने उस समय 24 करोड़ का बिजनेस किया था और यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. 1993 में बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली यह दूसरी फिल्म थी.


