भारत को AI में भय नहीं भविष्य दिखता है…PM मोदी का दुनिया को संदेश, एआई पर दी कैसी वॉर्निंग? खास बातें

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भारत को AI में भय नहीं भविष्य दिखता है…PM मोदी का दुनिया को संदेश, खास बातें

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PM Narendra Modi Speech at AI Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026’ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक बनाता भी और अपनाता भी है. एआई समिट के उद्घाटन सत्र में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे.

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पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एआई में भविष्य दिखता है.

PM Narendra Modi Speech at AI Summit: पीएम मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद भी बताया. पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है. सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है. पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है. हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा. भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है. चलिए जानते हैं पीएम मोदी ने एआई समिट को संबोधित करते हुए क्या-क्या कहा?

  • भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…….सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना ,भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है.
  • दुनिया के सौ से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है.
  • नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है…..लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है.. एआई का इस्तेमाल कर रही है, वह अभूतपूर्व है. यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया है.
  • एग्रीकल्चर, सिक्योरिटी, दिव्यांग जनों की मदद, मल्टीलिंगुअल पॉपुलेशन की तमाम जरूरतों से जुड़े जो भी सॉल्यूशंस यहां प्रेजेंट किए गए. मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी.
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं,लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.
  • आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है, इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं। सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.
  • भारत एआई को किस दृष्टि से देखता है, उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम में है….. सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। Welfare for all, happiness of all. यही हमारा बेंचमार्क है. एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट ना बन जाए. इंसान सिर्फ रॉ मटेरियल तक सीमित ना रह जाए, इसलिए एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा….. इसे इंक्लूजन और एंपावरमेंट का माध्यम बनाना होगा,और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में. साथियों हमें एआई को ओपन स्काई भी देना है और कमांड भी अपने हाथ में रखना है.
  • एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट ना बन जाए, इंसान सिर्फ रॉ मटेरियल तक सीमित ना रह जाए…..इसलिए एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा इसे इंक्लूजन और एंपावरमेंट का माध्यम बनाना होगा. आज हम एआई को जिस दिशा में लेकर जाएंगे, वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा. साथियों, आज न्यू दिल्ली एआई इंपैक्ट समिट में, मैं एआई के लिए एम ए एन ए वी ….मानव. मानव विजन प्रस्तुत करता हूं.
  • मानव का अर्थ होता है ह्यूमन…..और मानव विजन कहता है एम मोरल एंड एथिकल सिस्टम्स…. यानी एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित हो. ए अकाउंटेबल गवर्नेंस यानी transparent rules robust oversight and national sovereignty. यानी जिसका डाटा उसका अधिकार. यानी एआई मोनोपोली नहीं मल्टीप्लायर बने. speed and legitimate. यानी एआई लॉफुल और वेरीफायबल हो, भारत का यह मानव विज़न 21वीं सदी की एआई आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण की अहम कड़ी बनेगा.
  • दशकों पहले जब इंटरनेट की शुरुआत हुई तो कोई सोच भी नहीं पाता था कि इससे कितनी जॉब्स बनेगी. यही बात एआई में है. आज कल्पना करना मुश्किल है कि आने वाले समय इस फील्ड में किस तरह की जॉब पैदा होगी. ये हमारे निर्णय पर हमारे कोर्स और कोर्स ऑफ एक्शन पर निर्भर होगा. मैं समझता हूं, हमारे लिए फ्यूचर ऑफ वर्क एक नई अपॉर्चुनिटी है. ये ह्यूमंस और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के साथ मिलकर काम करने का युग है. और बेहतर डिसीजन्स ले सकेंगे.
  • हमें चिल्ड्रन्स सेफ्टी के प्रति और अधिक सजग होना होगा. एआई स्पेस भी चाइल्ड सेफ और फैमिली गाइडेड होना चाहिए. आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं…. एक जिन्हें एआई में भय दिखता है..वो हमेशा वैसी बात करते हैं. ऐसे लोग जिन्हें एआई में भय दिखता है और दूसरे वो जिन्हें एआई में भाग्य दिखता है. हमें भय नहीं, भारत को एआई में भाग्य दिखता है. भारत को एआई में भविष्य दिखता है
  • हमारे पास टैलेंट भी है, एनर्जी कैपेसिटी भी है और पॉलिसी क्लेरिटी भी है। और मुझे आपको यह बताते हुए खुशी है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल को इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल को और ऐप्स लॉन्च किए हैं. ये मॉडल्स हमारे यूथ के टैलेंट को दिखाते हैं.
  • भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक resilient इकोसिस्टम बना रहा है. सिक्योर डेटा सेंटर्स, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनामिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफोर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नेचुरल हब बनाते हैं. जो एआई मॉडल भारत में सक्सेस करता है, वो ग्लोबली डिप्लॉय हो सकता है. इसलिए मैं आप सभी को आमंत्रित करता हूं, डिज़ाइन एंड डेवलप्ड इन इंडिया….. डिलीवर्ड टू द वर्ल्ड.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें



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