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वाराणसी: वाराणसी में मेटा एआई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सनातन धर्म से जुड़े एक प्रश्न पर कथित तौर पर गलत जानकारी देने के आरोप में एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता का कहना है कि भगवान शिव के विवाह से संबंधित गलत उत्तर से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है.
वाराणसी. वाराणसी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी गई कथित गलत जानकारी को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है. सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव के पूर्व प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता नागेश्वर मिश्रा ने मेटा एआई पर सनातन धर्म से जुड़ी गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है.
शिव विवाह को लेकर दी गई गलत जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी की सुबह करीब 8 बजकर 27 मिनट पर नागेश्वर मिश्रा ने मेटा एआई से भगवान शिव के विवाह के महीने के बारे में प्रश्न किया. आरोप है कि एआई ने इसका गलत उत्तर दिया. मिश्रा का कहना है कि यह उत्तर धार्मिक तथ्यों के अनुरूप नहीं था और इससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने बताया कि जब एआई को इस बारे में चेतावनी दी गई और सही जानकारी देने को कहा गया, तब भी शुरुआत में संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने इसे सनातन धर्म के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास बताते हुए आपत्ति जताई.
मुकदमे की चेतावनी के बाद मांगी माफी
नागेश्वर मिश्रा ने कहा कि उन्होंने एआई को यह भी बताया कि अगर गलत जानकारी सुधारी नहीं गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद एआई ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. शिकायतकर्ता के अनुसार, एआई ने अपनी त्रुटि स्वीकार कर भविष्य में सही और प्रमाणित जानकारी देने की बात कही. इस मामले को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है. मिश्रा ने मांग की है कि इस तरह की गलत जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों और समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो.
अन्य जानकारी को लेकर भी जताई आपत्ति
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एआई ने व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े प्रश्नों के उत्तर में भी गलतियां कीं. उदाहरण के तौर पर, एक प्रश्न के उत्तर में गलत राशि बताने का आरोप लगाया गया है. मिश्रा का कहना है कि इस तरह की गलत जानकारियां न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि व्यापक समाज को भी गुमराह कर सकती हैं.
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया और एआई प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही सूचनाओं की निगरानी की जाए. उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग सकारात्मक और तथ्यात्मक जानकारी देने के लिए होना चाहिए, न कि भ्रम फैलाने के लिए. गौरतलब है कि मेटा एआई, जिसे मेटा प्लेटफॉर्म की ओर से विकसित किया गया है, विभिन्न सवालों के जवाब देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करता है. हालांकि, यह मामला दर्शाता है कि तकनीकी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी की सत्यता और संवेदनशील विषयों पर सावधानी बेहद जरूरी है. फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.
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