बागेश्वर: उत्तराखंड में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे है, और मन में कई सवाल हैं. जैसे क्या केवल बीएड करने से नौकरी मिल जाएगी या इसके लिए अन्य परीक्षाएं भी पास करनी पड़ेगी. बागेश्वर के शिक्षक डॉ. संजय कुमार टम्टा ने लोकल 18 को बताया कि सिर्फ बीएड करने से शिक्षक नहीं बना जा सकता है. शिक्षक बनने के लिए पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ पात्रता परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षा पास करना अनिवार्य है.
उत्तराखंड में शिक्षक भर्ती अलग-अलग पदों के लिए होती है, जिनमें मुख्य रूप से एलटी ग्रेड शिक्षक और प्रवक्ता (पीजीटी) शामिल हैं. दोनों पदों की योग्यता, परीक्षा और कार्यक्षेत्र अलग-अलग होता है, जिसे समझना हर अभ्यर्थी के लिए जरूरी है.
एलटी ग्रेड शिक्षक (कक्षा 9-10) की योग्यता
एलटी ग्रेड शिक्षक वे होते हैं जो सरकारी इंटर कॉलेजों में कक्षा 9वीं और 10वीं को पढ़ाते हैं. इस पद के लिए उम्मीदवार का संबंधित विषय में स्नातक होना जरूरी है. इसके साथ ही बीएड की डिग्री अनिवार्य है. इतना ही नहीं, अभ्यर्थी को शिक्षक पात्रता परीक्षा भी पास करनी होती है. इसके लिए या तो UTET-II (उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) या फिर CTET-II (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास होना जरूरी है. बिना पात्रता परीक्षा के एलटी ग्रेड शिक्षक बनना संभव नहीं है.
प्रवक्ता / पीजीटी (कक्षा 11-12) की योग्यता
प्रवक्ता या पीजीटी वे शिक्षक होते हैं, जो इंटरमीडिएट यानी कक्षा 11वीं और 12वीं को पढ़ाते हैं. इस पद के लिए योग्यता एलटी ग्रेड से अधिक होती है. उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना जरूरी है. इसके साथ बीएड की डिग्री भी अनिवार्य है. प्रवक्ता पद के लिए आमतौर पर अलग से विषय आधारित प्रतियोगी परीक्षा होती है. कुछ मामलों में पात्रता परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन चयन प्रक्रिया पूरी तरह लिखित परीक्षा पर आधारित रहती है.
भर्ती परीक्षा कौन कराता है
उत्तराखंड में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया दो प्रमुख आयोगों द्वारा कराई जाती है. एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का आयोजन अधिकतर UKSSSC द्वारा किया जाता है, जबकि प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती परीक्षा का आयोजन UKPSC करता है. दोनों ही भर्तियों में लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होता है.
सही योजना बनाना क्यों जरूरी
डॉ. संजय कुमार टम्टा के अनुसार अभ्यर्थियों को पहले यह तय करना चाहिए कि वे किस कक्षा के शिक्षक बनना चाहते हैं. उसी के अनुसार विषय का चयन, बीएड, पात्रता परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए. बिना सही जानकारी के तैयारी करने से समय और मेहनत दोनों व्यर्थ हो सकते हैं. कुल मिलाकर उत्तराखंड में शिक्षक बनने के लिए सिर्फ बीएड नहीं, बल्कि सही शैक्षणिक योग्यता, पात्रता परीक्षा और भर्ती परीक्षा पास करना जरूरी है. जो अभ्यर्थी पहले से सही रणनीति बनाकर तैयारी करते हैं, उनके चयन की संभावना कहीं अधिक होती है.


