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पहाड़ों की रसोई में छिपे स्वाद के खजाने में चावल के आटे की रोटी को खास माना जाता है. यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि उत्तराखंड की एक पुरानी परंपरा है, जिसे ‘सत पन्या माणा’ भी कहा जाता है. पुराने समय में सात परतों वाली यह रोटी पूरे परिवार का पेट भरने के लिए काफी होती थी. ग्लूटेन-मुक्त होने के कारण यह पेट के लिए बहुत हल्की और पचने में आसान होती है. अगर आप भी कुछ नया और पहाड़ी स्वाद घर पर ट्राई करना चाहते हैं, तो जानिए इसे बनाने की वो खास विधि जिसे बच्चे और बूढ़े सभी बड़े चाव से खाते हैं.
पिथौरागढ़: आपने गेहूं, बाजरा और मक्के की रोटियां तो कई बार खाई होंगी, लेकिन क्या कभी चावल के आटे से बनी खास पहाड़ी रोटी का स्वाद चखा है? उत्तराखंड के पहाड़ों में इसे ‘माणा’ के नाम से जाना जाता है. यह रोटी देखने में जितनी सुंदर लगती है, खाने में उतनी ही नरम और स्वादिष्ट होती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ग्लूटेन-मुक्त (Gluten free roti) होती है, जिस वजह से यह बहुत हल्की होती है और पेट के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है.
जानिए क्यों खास है ‘सत पन्या माणा’
पहाड़ों में माणा को बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी बहुत पसंद करते हैं. पुराने जमाने में इसे बनाने की एक खास तकनीक थी, जिसमें एक ही रोटी में सात परतें तैयार की जाती थीं. इसी कारण इसे ‘सत पन्या माणा’ भी कहा जाता है. कहते हैं कि तब एक बड़ी सतपन्या रोटी पूरे परिवार का पेट भरने के लिए काफी होती थी. गर्मियों के दिनों में चावल की यह रोटी शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम भी करती है.
माणा यानि चावल की रोटी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर पहाड़ी माणा तैयार करने के लिए आपको बहुत ही कम चीजों की जरूरत होगी. इसके लिए 1 कप चावल का आटा, जरूरत के हिसाब से लगभग 1 से 1.5 कप पानी, 2 से 3 चम्मच शुद्ध घी और स्वाद के लिए एक चुटकी नमक (यदि आप चाहें) की आवश्यकता होती है.
रोटी बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
इसे बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले एक बर्तन में चावल का आटा लें और उसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक चिकना और पतला घोल तैयार कर लें. ध्यान रहे कि घोल न तो बहुत ज्यादा गाढ़ा हो और न ही बहुत पतला, बस इतना हो कि वह तवे पर आसानी से फैल सके. इसके बाद तवा गरम करें और उस पर थोड़ा सा घी लगा दें. तैयार घोल को एक करछी की मदद से तवे पर डालें और हल्के हाथ से गोल फैलाएं.
जब रोटी नीचे से हल्की पक जाए, तो उसे पलट दें और ऊपर से थोड़ा घी लगाएं. इसके बाद फिर से पलटें और दोबारा घी लगाएं. अगर आप पारंपरिक स्वाद चाहते हैं, तो इस पलटने और घी लगाने की प्रक्रिया को 6 से 7 बार दोहराएं, जिससे रोटी में परतें बनने लगेंगी और वह और भी ज्यादा स्वादिष्ट हो जाएगी.
पहाड़ी चटनी और दाल के साथ लें लुत्फ
कुछ ही मिनटों में आपकी गरमागरम चावल की रोटी यानी माणा तैयार हो जाएगा. इसे असली पहाड़ी अंदाज में खाने के लिए ‘पहाड़ी लूण’ (खास पिसा हुआ नमक), हरी चटनी, दाल या अपनी पसंद की किसी भी सब्जी के साथ परोसें. यह स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहतरीन विकल्प है. एक बार इसे जरूर बनाकर देखें, यह घर के हर सदस्य को जरूर पसंद आएगी.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें


