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Powder For Plant Growth: अक्सर लोग घर पर तरह-तरह के पौधे लगाते हैं पर उनमें फूल नहीं खिलते. अक्सर आपके साथ भी यह समस्या है तो गमले में ये सफेद पाउडर पानी में घोलकर डालें. जमकर फूल खिलेंगे, ये तरीका खासकर गुलाब के फूलों पर बहुत बढ़िया काम करता है.
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कोडरमा. लोग अपने घर की छत और बालकनी को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के फूलों के पौधे लगाते हैं. गुलाब, गेंदा, गुड़हल और अन्य सजावटी पौधों से घर का माहौल खुशनुमा बन जाता है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पौधों में लंबे समय तक बढ़वार नहीं होती, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और फूल भी कम या बिल्कुल नहीं आते. ऐसे में लोग कई तरह के खाद और उर्वरक का उपयोग करते हैं. लेकिन सही जानकारी के अभाव में मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता.
पौधों की पत्तियों का पीलापन दूर कर उन्हें हरा बनाने में महत्वपूर्ण
कोडरमा में खुशबू नर्सरी के संचालक अनूप कुमार ने बताया कि नमक की तरह दिखने वाला मैग्नीशियम सल्फेट, जिसे आमतौर पर एप्सम साल्ट भी कहा जाता है, पौधों के लिए बेहद फायदेमंद प्राकृतिक पोषक तत्व है. यह पौधों की बढ़वार, फूलों की संख्या और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
एप्सम साल्ट में मैग्नीशियम और सल्फेट जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. मैग्नीशियम पौधों में हरे रंग के लिए जरूरी क्लोरोफिल बनाने में मदद करता है. अगर पौधों में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है तो पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधे कमजोर हो जाते हैं. ऐसे में एप्सम साल्ट का उपयोग पत्तियों का पीलापन दूर करने में असरदार साबित होता है.
पानी में मिलाकर छिड़काव करने और मिट्टी में डालने से फायदा
उन्होंने बताया कि एप्सम साल्ट मिट्टी से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे अन्य जरूरी पोषक तत्वों को पौधों तक पहुंचाने में भी मदद करता है. इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलती है और उनकी बढ़वार बेहतर होती है. खासकर गुलाब के पौधों में इसका उपयोग काफी लाभकारी माना जाता है.
इससे गुलाब के फूल बड़े, चमकीले और अधिक संख्या में खिलते हैं. उन्होंने कहा कि एप्सम साल्ट के उपयोग की विधि भी बेहद आसान है. 1 लीटर पानी में 1 से 2 चम्मच एप्सम साल्ट मिलाकर घोल तैयार करें और इसे पौधों की पत्तियों पर छिड़काव करें या मिट्टी में डालें. उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी कि एप्सम साल्ट का उपयोग महीने में केवल एक बार ही करें, क्योंकि अधिक मात्रा में उपयोग करने से मिट्टी का संतुलन बिगड़ सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें


