चंदौली. जिले के मुगलसराय में 6 लेन बनाम 4 लेन सड़क निर्माण का मुद्दा एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है. पड़ाव से लेकर गोधना मोड़ तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के बीच बहस तेज हो गई है, जहां अधिकांश हिस्सों में सड़क को 6 लेन बनाया जा रहा है. वहीं, मुगलसराय शहर के मुख्य हिस्से में इसे 4 लेन तक सीमित किए जाने का आरोप लग रहा है.
6 लेन के रूप में मिली थी स्वीकृति
यह मामला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 120 से जुड़ा है. स्थानीय अधिवक्ता संतोष पाठक ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि 22 अप्रैल 2022 को इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हुई थी और उस समय पूरी सड़क को 6 लेन के रूप में ही स्वीकृति मिली थी. उन्होंने बताया कि निविदा दस्तावेजों और निर्माण कंपनी के कागजात में भी सड़क को 6 लेन के रूप में दर्शाया गया है.
सबसे अधिक रहती है जाम की समस्या
संतोष पाठक का आरोप है कि पड़ाव से गोधना मोड़ तक जहां बाईपास निकलता है, वहां तक सड़क 6 लेन बनाई जा रही है, लेकिन मुगलसराय के व्यस्त बाजार में लगभग एक किलोमीटर के हिस्से को 4 लेन में बदल दिया गया है. उन्होंने बताया कि यह निर्णय कुछ दुकानदारों और अतिक्रमण को बचाने के उद्देश्य से लिया गया है, जबकि इस क्षेत्र में सबसे अधिक जाम की समस्या रहती है.
कई बार की जा चुकी है भूमि की नापी
उन्होंने कहा कि जिस हिस्से को 4 लेन किया जा रहा है, वह पूरी तरह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जमीन है. राजस्व विभाग की ओर से कई बार भूमि की नापी भी की जा चुकी है. इसके बावजूद यदि सड़क को संकरा किया जाता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा. उनका सवाल है कि जब जाम की समस्या को खत्म करने के लिए ही 6 लेन का प्लान बनाया गया था, तो फिर सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले हिस्से में इसे 4 लेन क्यों किया जा रहा है?
व्यापारियों को भी नहीं होगा नुकसान
संतोष पाठक ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे से अवगत कराया है. पत्र में उन्होंने मांग की है कि जहां सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां 6 लेन सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि शहर को जाम से राहत मिल सके. उनका यह भी सुझाव है कि जिन दुकानदारों का अतिक्रमण हटाया जाना है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. नगर पालिका की ओर से मल्टीप्लेक्स या बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानों का आवंटन किया जा सकता है, जिससे नगर निकाय को राजस्व भी प्राप्त होगा और व्यापारियों को भी नुकसान नहीं होगा.
यातायात व्यवस्था में होगा काफी सुधार
वहीं, स्थानीय निवासी ए. के. दत्ता ने भी जाम की समस्या पर चिंता जताई और उन्होंने लोकल 18 से कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले अभिभावक और मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले परिजन सभी को घंटों जाम में फंसना पड़ता है. उन्होंने कहा कि यदि सड़क को 6 लेन बनाया जाए या फिर दोनों ओर समान चौड़ाई सुनिश्चित की जाए, तो यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है.
25-30 साल पीछे चला जाएगा मुगलसराय
वहीं, नगरवासियों का कहना है कि यदि सड़क को 4 लेन तक सीमित किया गया, तो भविष्य में यातायात का दबाव और बढ़ेगा. इससे शहर का विकास बाधित होगा और मुगलसराय 25-30 वर्ष पीछे चला जाएगा. लोगों का तर्क है कि विकास कार्यों में संतुलन जरूरी है, न तो व्यापारियों का अहित हो और न ही आम जनता को जाम में धकेला जाए. फिलहाल यह मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. नागरिक प्रशासन से स्पष्ट जवाब और पारदर्शी निर्णय की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और मुगलसराय को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं.


