अयोध्या: सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे नहीं किया जाता. शुभ कार्य करने के लिए मुहूर्त का विशेष महत्व होता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव होता है . ग्रह नक्षत्र के बदलाव होने के कारण व्यक्ति के जीवन पर भी इसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव होता है. ऐसी स्थिति में आज 19 फरवरी है और आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चे पर कैसा प्रभाव रहेगा. आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चे का नामकरण किस अक्षर से शुरू करना शुभ रहेगा. किस योग में जन्म लेने वाले बच्चे प्रभावशाली होंगे तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.
अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष शास्त्र में जन्म तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है. 19 फरवरी 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों पर विशिष्ट ग्रह-नक्षत्र योगों का प्रभाव रहेगा. जो उनके स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य की दिशा को प्रभावित करेगा. पंचांग के अनुसार इस दिन विशाखा नक्षत्र पूरे दिन प्रभावी रहेगा. विशाखा नक्षत्र को लक्ष्य के प्रति दृढ़ता, महत्वाकांक्षा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है. इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे जीवन में आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा रखते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते.ये बच्चे स्पष्ट विचारों वाले, मेहनती और अपने निर्णयों पर अडिग रहने वाले होते हैं.
इस दिन चंद्रमा तुला राशि में रात 1:11 बजे तक और उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा. तुला राशि में जन्म लेने वाले बच्चे संतुलित सोच वाले, सामाजिक, सौम्य स्वभाव के और कला-प्रेमी होते हैं. इन्हें लोगों के साथ तालमेल बैठाने में विशेष दक्षता प्राप्त होती है. और ये अपने आकर्षक व्यक्तित्व के कारण समाज में लोकप्रिय रहते हैं. वहीं वृश्चिक राशि में जन्म लेने वाले बच्चों में आत्मविश्वास, साहस और गहन सोच की प्रवृत्ति पाई जाती है. ये बच्चे भावनात्मक रूप से मजबूत, रहस्यमय स्वभाव के और अपने लक्ष्य को लेकर अत्यंत गंभीर होते हैं. वृश्चिक राशि का प्रभाव बच्चों को स्पष्टवादी, ऊर्जावान और नेतृत्व करने योग्य बनाता है.
तिथि की बात करें तो इस दिन अष्टमी तिथि रात 2:54 बजे तक और उसके बाद नवमी तिथि रहेगी. अष्टमी तिथि साहस, पराक्रम और संघर्ष से जुड़ी मानी जाती है, जबकि नवमी तिथि धर्म, सेवा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है. इससे बच्चों में परिश्रम के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है. इस दिन वृद्धि योग सुबह 10:48 बजे तक रहेगा, जो उन्नति, विकास और शुभ अवसरों का संकेत देता है. इसके बाद बनने वाला ध्रुव योग बच्चों के जीवन में स्थिरता, दृढ़ता और दीर्घकालिक सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है. वहीं बालव करण और कौलव करण बच्चों में कार्यकुशलता और व्यवहारिक बुद्धि का विकास करते हैं.
विशाखा नक्षत्र के नामकरण अक्षर ती, तू, ते, तो, ना, नी, नू, ने इस दिन जन्मे बच्चों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं इन अक्षरों से रखा गया नाम बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता के मार्ग को प्रशस्त करता है


