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अखिल गोगोई ने कांग्रेस को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए सीट-बंटवारे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस विपक्षी एकता को लेकर गंभीर है, तो उसे अगले दो दिनों के भीतर स्थिति स्पष्ट करनी होगी. उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस स्पष्ट रुख नहीं अपनाती है, तो हम अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकते.”
असम कांग्रेस में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. (फाइल फोटो)
गुवाहाटी. असम इलेक्शन से ठीक पहले विपक्षी एकता चकनाचूर होती दिख रही है. कांग्रेस के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. गुवाहाटी में गुरुवार को रायजोर दल और असम जातीय परिषद ने एक सीक्रेट मीटिंग की. इस अहम मीटिंग से कांग्रेस को पूरी तरह आउट रखा गया. बैठक में वामपंथी दलों के नेता भी मौजूद रहे.
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के बिना भी विपक्षी फ्रंट बन सकता है. भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पहले ही बैकफुट पर है. अब अखिल गोगोई ने कांग्रेस को सीट शेयरिंग पर स्टैंड क्लियर करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है. अगर कांग्रेस फेल होती है तो क्षेत्रीय दल अकेले मैदान में उतरेंगे. बीजेपी पहले ही इलेक्शन मोड में है. ऐसे में विपक्ष की यह फूट बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
बंद कमरे में हुई सीक्रेट मीटिंग, कांग्रेस आउट
गुवाहाटी में गुरुवार को एक अहम बैठक हुई. इसमें रायजोर दल और एजेपी के बड़े नेता शामिल हुए. मीटिंग में अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई मौजूद थे. सीपीआई और सीपीएम के नेता भी इस बैठक का हिस्सा बने. सबसे बड़ी बात यह रही कि कांग्रेस को नहीं बुलाया गया. यह सीट शेयरिंग को लेकर एक बड़ी चर्चा थी.
गोगोई का अल्टीमेटम, 48 घंटे में क्लियर करो स्टैंड
मीटिंग के बाद अखिल गोगोई ने कांग्रेस को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने सीट शेयरिंग पर स्टैंड साफ करने को कहा. अखिल गोगोई ने कहा, ‘अगर कांग्रेस स्पष्ट रुख नहीं अपनाती है, तो हम अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकते.’ उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस को दो दिन के अंदर फैसला लेना होगा. वरना विपक्ष का कुनबा पूरी तरह बिखर जाएगा.
अकेले चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी
क्षेत्रीय दलों ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. वे कांग्रेस के भरोसे नहीं बैठे हैं. अखिल गोगोई ने बड़ा ऐलान किया. गोगोई ने कहा, ‘रायजोर दल 46 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है.’ हालांकि उन्होंने विपक्षी एकता के लिए दरवाजे एकदम बंद नहीं किए हैं. सब कुछ कांग्रेस के जवाब पर निर्भर करेगा.
असम में बीजेपी को मिलेगा फूट का फायदा
एक तरफ कांग्रेस लीडरशिप क्राइसिस से जूझ रही है. भूपेन बोरा के इस्तीफे ने पार्टी को कमजोर किया है. दूसरी तरफ क्षेत्रीय दलों का अविश्वास बढ़ रहा है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी पूरी तरह इलेक्शन मोड में आ चुकी है. अगर विपक्ष ऐसे ही लड़ता रहा तो बीजेपी इसका पूरा फायदा उठाएगी. आने वाले कुछ दिन असम की पॉलिटिक्स के लिए बेहद अहम हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


