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दो शादियां, पांच बच्चों की जिम्मेदारी और दिल में अधूरा रह गया हीरो बनने का सपना… यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जो पर्दे पर नहीं पर पर्दे के पीछे अपनी अलग पहचान बना गया. खुद स्टार नहीं बन पाया, लेकिन परिवार ने शोहरत की ऊंचाइयां छुईं. दिलचस्प बात ये कि पहली पत्नी ने जलन को किनारे रख दूसरी महिला को अपनाया और सौतन से बढ़कर सहेली बना लिया. संघर्ष, रिश्तों और समझदारी से बुनी यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. जानते हैं कौन हैं?
नई दिल्ली. दो शादियां, पांच बच्चों का बड़ा परिवार, एक्टिंग में अधूरा सपना और फिर लेखन में ऐतिहासिक सफलता… यह कहानी हिंदी सिनेमा के एक ऐसे दिग्गज की है, जिनकी निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही. कभी हीरो बनने का ख्वाब लेकर मायानगरी पहुंचे, लेकिन किस्मत ने उन्हें पर्दे के पीछे चमकने का मौका दिया. करियर के उतार-चढ़ाव के बीच उनकी जिंदगी में दूसरी मोहब्बत आई, जिसने परिवार में हलचल मचा दी. हालांकि, वक्त के साथ पहली पत्नी ने हालात को स्वीकार कर रिश्तों को नई परिभाषा दी. सौतन का रिश्ता धीरे-धीरे समझ और अपनापन में बदल गया और पूरा परिवार एकजुट खड़ा रहा. यह कहानी सिर्फ शोहरत की नहीं, बल्कि रिश्तों की परिपक्वता और संतुलन की भी है. फोटो साभार-@IMDb
दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान इन दिनों वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. 90 साल के लेखक के स्वास्थ्य को लेकर पूरा फिल्म जगत और उनके करोड़ों फैंस चिंतित हैं. लेकिन इस मुश्किल घड़ी में भी सलीम खान का परिवार एकजुट होकर उनके साथ खड़ा है. उनकी दोनों पत्नियां सलमा खान और हेलन एक साथ अस्पताल पहुंचीं और बेटों सलमान, अरबाज, सोहेल के साथ डटी हुई हैं. यह तस्वीर आज जितनी सामान्य लगती है, उसके पीछे एक लंबा संघर्ष, कई उतार-चढ़ाव और एक ऐसी इमानदारी की कहानी है, जो शायद ही कहीं देखने को मिले. फोटो साभार-@IMDb
सलीम खान का सिनेमा सफर अभिनय से शुरू हुआ था. 1960 में फिल्म ‘बारात’ से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. ‘प्रिंस सलीम’ के नाम से उन्होंने करीब 25 फिल्मों में काम किया, लेकिन सफलता नहीं मिली . तीसरी मंजिल (1966) जैसी फिल्मों में उन्हें अच्छे रोल मिले, लेकिन स्टारडम उनसे दूर रहा. बाद में उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और जावेद अख्तर के साथ मिलकर सलीम-जावेद की जोड़ी बनाई. शोले, दीवार, जंजीर, डॉन जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे सफल पटकथा लेखक बना दिया . लेकिन उनकी निजी जिंदगी की कहानी भी उनकी फिल्मों की स्क्रिप्ट से कम दिलचस्प नहीं है. फोटो साभार-रेडिट
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सलीम खान ने 1964 में सलमा खान से शादी की, जिनका असली नाम सुशीला चरक था. सलमा मिश्रित दोगरा राजपूत-महाराष्ट्रियन परिवार से थीं और शादी के बाद उन्होंने सलीम के धर्म को अपनाते हुए अपना नाम सलमा रख लिया . उनके पिता ने शुरू में धर्म के मुद्दे पर इस शादी का विरोध किया था, लेकिन सलीम ने उन्हें आश्वस्त किया कि यह कभी समस्या नहीं बनेगा . सलमा ने संघर्ष के दिनों में सलीम का साथ दिया. जब सलीम संघर्ष कर रहे थे, तब उन्होंने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया बल्कि परिवार को संभाला. उनके चार बच्चे हुए – सलमान (1965), अरबाज (1967), सोहेल (1969) और अलवीरा (1970) . फाइल फोटो
सलीम की मुलाकात हेलन से पहली बार फिल्म ‘काबुली खान’ के सेट पर हुई थी, जहां हेलन लीड रोल में थीं और सलीम विलेन बने थे. लेकिन तब उनकी ज्यादा बातचीत नहीं हुई. 1978 में फिल्म ‘डॉन’ के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जिसे सलीम-जावेद ने लिखा था . सलीम ने इस रिश्ते को ‘इमोशनल एक्सीडेंट’ करार दिया था. उन्होंने कहा था, ‘वह युवा थीं, मैं भी युवा था. यह मेरा इरादा नहीं था. यह एक इमोशनल एक्सीडेंट है. किसी के साथ भी हो सकती है’. फाइल फोटो
सलीम ने अपने इस रिश्ते को छुपाया नहीं. उन्होंने सबसे पहले खुद सलमा को इस बारे में बताया, ताकि वह किसी गॉसिप मैगजीन या किसी और से यह खबर न सुनें. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘मैं सलमा को बताने वाला पहला व्यक्ति था कि हेलन मेरी जिंदगी में है. इससे पहले कि वह गॉसिप मैगजीन या किसी और से इस बारे में सुनती, मैंने खुद उसे बता दिया. जब मैंने उसे बताया, तो जाहिर हैं उसने मेरी पीठ नहीं थपथपाई… मुझसे हाथ नहीं मिलाया और यह नहीं कहा कि तुम कितना शानदार काम कर रहे हो. बेशक हमारे बीच प्रॉब्लम्स हुईं, लेकिन बहुत थोड़े समय के लिए थी. उसके बाद सब कुछ एक्सेप्ट हो गया’. फोटो साभार-रेडिट
सलीम ने अपने बच्चों को भी इस बारे में खुलकर बताया. उस वक्त सलमान करीब 10 साल के थे . सलीम ने बताया, ‘मैंने अपने बच्चों से कहा, ‘मैं हेलन आंटी से प्यार करता हूं. मुझे नहीं लगता कि तुम उनसे उतना प्यार कर सकते हो जितना अपनी मां से करते हो. लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम उन्हें वही इज्जत दो जो अपनी मां को देते हो’ . फोटो साभार-रेडिट
सलमान ने 1990 में फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में बताया था, ‘जब पिता ने दूसरी शादी की तो मां को बहुत ठेस पहुंची थी. मुझे बुरा लगता था जब मां रात भर उनके घर आने का इंतजार करती थीं. पिता ने हमें समझाया कि वह अब भी मां से प्यार करते हैं और हमेशा हमारे साथ रहेंगे. हेलन आंटी को हमें स्वीकार करने में काफी वक्त लगा, लेकिन आज वह हमारे परिवार का हिस्सा हैं’.
आज सलमा और हेलन के रिश्ते की मिसाल दी जाती है. दोनों एक ही बिल्डिंग गैलेक्सी अपार्टमेंट्स में रहती हैं और परिवार के सभी कार्यक्रमों में साथ नजर आती हैं . नवंबर 2025 में सलमा और सलीम की 61वीं शादी की सालगिरह पर हेलन भी मौजूद थीं और उन्होंने पैपराजी के लिए पोज भी दिया थे. फाइल फोटो.
अरबाज ने इस बारे में खुलासा करते हुए कहा, ‘हम उन्हें अब भी आंटी बुलाते हैं क्योंकि उस वक्त वह हेलन आंटी थीं. हालांकि हम उन्हें मां की तरह ट्रीट करते हैं, लेकिन हेलन आंटी ही बुलाते हैं. वह हमारी जिंदगी का हिस्सा हैं. हमसे ज्यादा मेरी मां इस बात का ख्याल रखती हैं कि वह हर चीज में शामिल रहें’. अरबाज ने अपनी मां सलमा की तारीफ करते हुए कहा, ‘मेरी मां ने कभी हमें पिता के खिलाफ कुछ भी सोचने या कहने के लिए प्रभावित नहीं किया. उन्होंने अपनी परेशानियां झेलीं, लेकिन हमें कभी यह नहीं कहा कि ‘तुम्हारे पिता ऐसे हैं’ या ‘वह यह कर रहे हैं’. फाइल फोटो
सलीम ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि मेरी दो पत्नियां हैं और वे सद्भाव में रहती हैं. भले ही यह कुछ साल बाद हुआ हो. मेरी पत्नियां खूबसूरत हैं और अब ग्रेसफुली एजिंग कर रही हैं’. सलीम और हेलन ने अर्पिता खान शर्मा को गोद लिया, जो मुंबई की सड़कों पर मिली एक बच्ची थी और उन्होंने उसे अपने बच्चे की तरह पाला . अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हो गई है और आज दोनों के दो बच्चे हैं. फाइल फोटो


