कर्ण की नगरी में पहुंच रही नमो भारत रैप‍िड रेल, बनेगी स्मार्ट सिटी, हरियाली देख ललचा रहे घर खरीदार| karnal news| karnal real estate news| namo bharat karnal delhi

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कर्ण की नगरी के नाम से व‍िख्‍यात करनाल शहर स्‍मार्ट स‍िटी बनने की ओर बढ़ रहा है. महाभारत काल का ऐतिहासिक शहर में अब र‍ियल एस्‍टेट बाजार तेजी से बढ़ रहा है. नमो भारत रैप‍िड रेल कॉर‍िडोर के आने से अब हर‍ियाली से भरे इस शहर से द‍िल्‍ली तक आना-जाना महज 90 म‍िनट में हो सकेगा. यहां र‍ियल एस्‍टेट के कई बड़े ब्रांड प्रोजेक्‍ट्स लेकर आ रहे हैं.

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करनाल शहर स्‍मार्ट स‍िटी बनने जा रहा है. यहां प्रॉपर्टी की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं.

Karnal Smart City News: दिल्ली से करीब 120 किलोमीटर दूर बसा हरियाणा का ऐतिहासिक शहर करनाल अब स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है. महाभारत काल के दानवीर राजा कर्ण द्वारा बसाया गया यह नगर, जिसे आज भी कर्ण की नगरी कहा जाता है, सदियों तक अपनी समृद्ध विरासत, शांत करनाल झील और उपजाऊ कृषि भूमि के लिए जाना जाता रहा है. धान का कटोरा कहा जाने वाला यह शहर अब बदलते समय के साथ स्मार्ट और आधुनिक होता जा रहा है. यही वजह है कि हरियाली से भरे इस शहर में अब घर खरीदने वालों की लंबी लाइन लग चुकी है. इसकी पुष्टि कई हालिया प्रॉपर्टी एनालिसिस रिपोर्ट्स ने की है.
आज करनाल न केवल औद्योगिक और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है, बल्कि उत्तर भारत के उभरते रियल एस्टेट हब के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है. नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (NDRI) जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान, बढ़ती औद्योगिक इकाइयां और मजबूत सामाजिक ढांचा इसे रहने के लिए बेहतर शहर बना रहे हैं. यही वजह है कि यहां न केवल एनआरआई बल्कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोग घर खरीदने को बेकरार हैं.
  1. टियर-2 शहर करनाल में बढ़ रहा प्रॉपर्टी बाजार
    लोग अब ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं जहां खुली जगह, कम प्रदूषण और बेहतर जीवन गुणवत्ता के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों. एनरॉक और प्रॉपइक्विटी के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़े कहते हैं कि टियर-2 शहरों में घरों की बिक्री में लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और छोटे शहरों का कुल रियल एस्टेट बाजार 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है. एनआरआई निवेशक भी इन शहरों को सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से लाभदायक निवेश विकल्प के तौर पर देखने लगे हैं.
  2. दिल्ली और जम्मू-कश्मीर, अमृतसर के बीच है सेतु
    करनाल की तेज प्रगति के पीछे इसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति सबसे बड़ा कारण है. यह शहर दिल्ली से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) से जुड़ा हुआ है, जो दिल्ली को अमृतसर और जम्मू-कश्मीर से जोड़ता है. आसान और तेज यातायात के कारण यह शहर न केवल हरियाणा बल्कि दिल्ली-एनसीआर के उन परिवारों के लिए भी आकर्षक बनता जा रहा है, जो महानगरों की भीड़-भाड़ से दूर शांत और व्यवस्थित जीवन चाहते हैं.
  3. नमो भारत RRTS कॉरिडोर है बड़ा कदम
    विशेषज्ञों का कहना है कि अब दिल्ली रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को करनाल तक बढ़ाने की प्रस्तावित योजना ने इस शहर को एकाएक लोगों की नजर में ला दिया है. दिल्ली–पानीपत–करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर के तहत सराय काले खां से करनाल तक नमो भारत ट्रेन से सफर लगभग 90 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. इस रैपिड रेल के शुरू होने से शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और खासतौर पर रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने वाला है.
  4. मेरठ-चंडीगढ़ तक भी आसान पहुंच
    सड़क के अलावा करनाल रेल और हवाई मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा है. चंडीगढ़ और दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे इसकी पहुंच को और आसान बनाते हैं, वहीं करनाल–मेरठ रोड (NH-709A) उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से इसके व्यापारिक संबंधों को मजबूत करता है. इस मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधा असर रियल एस्टेट पर दिखाई दे रहा है.
  5. करनाल में आए ये बड़े रियल एस्टेट ब्रांड
    आज करनाल में सिग्नेचर ग्लोबल, अल्फा कॉर्प, ट्रेवोक ग्रुप और अराइज ग्रुप जैसे बड़े डेवलपर्स सक्रिय हैं, जो आधुनिक टाउनशिप और लग्जरी आवासीय परियोजनाओं के जरिए शहर का स्वरूप बदल रहे हैं.इस बारे में अराइज ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर और फाउंडर अमन शर्मा कहते हैं कि करनाल में रियल एस्टेट का भविष्य मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ा हुआ है. नमो भारत जैसी परियोजनाओं और सड़क नेटवर्क के विस्तार से यह शहर तेजी से उभर रहा है. इसी बदले हुए परिदृश्य में इंटीग्रेटेड टाउनशिप्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. हम ऐसी आत्मनिर्भर प्लॉटेड टाउनशिप्स विकसित कर रहे हैं, जहां लोगों को आधुनिक सुविधाएं, हरियाली, सुरक्षा और सुविधाजनक जीवनशैली मिल सके.

वहीं अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड के सीएफओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतोष अग्रवाल का कहना है कि तेजी से हो रहे रियल एस्टेट के विकास, नए हवाई अड्डों, एक्सप्रेसवे और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कारण करनाल जैसे शहर तेजी से उभरते हुए रियल एस्टेट हॉटस्पॉट हैं, जहां बेहतर किफायती दरों के साथ बेहतर जीवनशैली उपलब्ध है. खरीदारों की प्राथमिकता खुले और बड़े लेआउट, सामुदायिक जीवनशैली और इंटीग्रेटेड टाउनशिप्स की ओर है. आने वाले समय में टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट की मांग और तेज होने की संभावना है.

अगले 10 साल में बदल जाएगा चेहरा
करनाल में जिसे तेजी से कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है आने वाले 10 साल में इस शहर का चेहरा बदल जाएगा. वहीं कई रिपोर्ट्स कहती हैं कि वर्ष 2047 तक छोटे शहरों में आवास की मांग दोगुनी होने की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर के ‘एक्सटेंडेड बेल्ट’ में स्थित करनाल जैसे शहर इस बदलाव का नेतृत्व कर सकते हैं. अर्बन एक्सटेंशन रोड और केएमपी एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने करनाल को राजधानी क्षेत्र का एक व्यावहारिक और आकर्षक विस्तार बना दिया है. कुल मिलाकर, करनाल की विकास यात्रा केवल इमारतों तक सीमित नहीं है. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक गतिविधियां, करनाल मास्टर प्लान 2031 और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था इसे एक आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार शहर बना रही हैं.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें



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