बीज से बिक्री तक आसान, तुलसी ने बदली किसानों की किस्मत, जानिए खेती का तरीका

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श्यामा और वन तुलसी, आजमगढ़ के किसानों की सोने की फसल, जानिए तरीका

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आजमगढ़ में तुलसी की खेती धीरे-धीरे किसानों के लिए आय का एक शानदार स्रोत बन रही है. धार्मिक महत्व के साथ-साथ इसके औषधीय गुण और व्यावसायिक संभावनाओं ने इसे किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है. छोटे से खेत से ही तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए किसान अब पारंपरिक फसल के साथ तुलसी की खेती को भी अपना रहे हैं.

तुलसी एक ऐसा पौधा है जो सनातन धर्म में धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाया जाता है और लोग इसकी पूजा भी करते हैं. वही, अपने औषधीय गुणों के कारण भी तुलसी के पौधे को लोग घर में लगाते हैं. इसके सेवन से कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी दूर की जाती हैं.

इसके अलावा, तुलसी का पौधा किसानों के लिए आय का एक बेहतरीन स्रोत भी बन रहा है. आजमगढ़ में कई किसानों की ओर से बड़े पैमाने पर तुलसी की व्यावसायिक खेती की जाती है और इससे तगड़ा मुनाफा भी कमाया जाता है. ऐसे में, अगर आप भी किसान हैं और अपने खेत में पारंपरिक रूप से खेती करते हैं, तो तुलसी की खेती आजमगढ़ में आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

आमतौर पर किसान मुख्य रूप से अनाज और मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं. किसान व्यावसायिक रूप से इन चीजों का उत्पादन करके मुनाफा कमाते हैं. इसी तरह, किसान अपने खेत में तुलसी की खेती करके भी तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.

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तुलसी की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बुवाई के महज 3 महीने में ही पूरी तरह तैयार हो जाती है, जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है. आजमगढ़ के भंवरनाथ के आसपास के कई गांवों में किसान बड़े पैमाने पर तुलसी के पौधों की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं, जिससे वे तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं.

आजमगढ़ में तुलसी की खेती करने वाले किसान अर्जुन मौर्या बताते हैं कि तुलसी के पौधे की बुवाई के लिए सबसे पहले खेत को सही तरह से तैयार करना बेहद आवश्यक होता है. खेत की सही जुताई के बाद ही मिट्टी में तुलसी के पौधे की बुवाई करना फायदेमंद होता है. किसान खाद के तौर पर घर पर तैयार की हुई गोबर की खाद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो तुलसी के पौधे के लिए बेहद फायदेमंद होती है.

आजमगढ़ के किसान आमतौर पर श्यामा तुलसी और वन तुलसी की खेती करते हैं. इन तुलसी की आजमगढ़ के मार्केट में सबसे अधिक डिमांड है. तुलसी के पौधों और पत्तों की मांग आजमगढ़ में संचालित कई फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों की ओर से की जाती है, जिससे किसानों को तगड़ा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है.

किसान अर्जुन मौर्या बताते हैं कि ये कंपनियां तुलसी के पौधों को 120 से 125 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदती हैं. ऐसे में, यदि किसान अपने खेत से एक सीजन में 8 से 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त करते हैं, तो वे हर सीजन में तगड़ी कमाई कर सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि कंपनियां किसानों को बीज भी उपलब्ध कराती हैं, जिससे वे आसानी से तुलसी के पौधों का उत्पादन कर सकते हैं.



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