नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे ग्रीन बेल्ट एरिया तलाब में हुआ तब्दील, हादसे का बढ़ा खतरा

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नोएडा -ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के सेक्टर 150–152 के बीच ग्रीन बेल्ट का 3–4 किमी हिस्सा जलभराव से अस्थायी तालाब बन गया है. 5–10 फीट गहरे पानी और गंदे नालों के जमाव से हरियाली नष्ट हो रही है, पेड़ सूख रहे हैं. सर्विस रोड किनारे न बैरिकेडिंग है, न चेतावनी बोर्ड, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोग वर्षों से स्थायी जल निकासी और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं.

नोएडा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे ग्रीन बेल्ट का बड़ा हिस्सा पिछले कई वर्षों से जलमग्न पड़ा है, जो स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है. सर्विस रोड पर सेक्टर 150 और 152 के बीच और अन्य और अन्य कई सेक्टर को जोड़ने वाला लगभग तीन से चार किलोमीटर तक ये ग्रीन बेल्ट एरिया जलमग्न है या कहे अस्थाई तालाब में बदल गया है. ग्रीन बेल्ट, जिसे शहर की हरियाली बढ़ाने के लिए विकसित किया जाना था, वहां आज गंदे नालों और बरसात का पानी जमा है, और रोड किनारे कोई सेफ्टी मेजर भी नहीं है.

ग्रीन बेल्ट बना पड़ा है अस्थाई तालाब

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं बल्कि कई साल पुरानी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। नोएडा प्राधिकरण द्वारा शहर में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम किए जाने के दावे के बीच यह इलाका प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलता नजर आता है. जलभराव के कारण जहां हरियाली खत्म हो रही है, वहीं कई पेड़ सूख चुके हैं. पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो पूरी ग्रीन बेल्ट नष्ट हो सकती है.

6 से 10 फिट के करीब है ग्रीन बेल्ट की एरिया बना अस्थाई तालाब

सबसे चिंताजनक बात यह है कि सर्विस रोड के किनारे किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं. तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. खासकर रात के समय पानी से भरे गड्ढे और किनारे की मिट्टी दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन फिसलने या पलटने का खतरा बना रहता है. आसपास रहने वाले लोग कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं. ये ग्रीन बेल्ट की एरिया जो तालाब में तब्दील है उसकी गहराई 5 से 10 फिट है.

न ब्रिगेटिंग न साइन बोर्ड

आपको बता दे कि सेक्टर 150 में पहले हुई एक दुर्घटना के बाद मौके पर और प्राधिकरण ने कुछ अन्य स्थानों पर बांस-बल्ली, दीवार और स्टील बैरिकेडिंग लगाकर कवर किया है. लेकिन इस हिस्से को नजरअंदाज कर दिया गया. यही वजह है कि नोएडा ग्रेनो के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है. ये पूरा तीन से चार किमी लंबे एरिया में सर्विस रोड किनारे ग्रीन बेल्ट में आपको सिवाय गंदा पानी के अलावा और सूखे पेड़ के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. इसी बड़ी बात ये है कि सड़क पर चल रहे वाहनों की सुरक्षा के लिए सड़क किनारे न कोई वेरिगेटिंग और न ही कोई साइन बोर्ड.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें



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