Jwalamukhi Yog 2026 Date time avoid these 5 works in inauspicious period | कब बन रहा साल का प​हला ज्वालामुखी योग? गलती से भी न करें ये 5 काम, मिलेंगे अशुभ परिणाम!

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Jwalamukhi Yog 2026 Date: ज्वालामुखी योग फरवरी माह में लगातार दो दिन बन रहा है. यह एक अशुभ फलदायी योग है. इस योग में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करते हैं. आइए जानते हैं कि ज्वालामुखी योग किस तारीख को बन रहा है? ज्वालामुखी योग का समय क्या है? ज्वालामुखी योग में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

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2026 का प​हला ज्वालामुखी योग कब है?

Jwalamukhi Yog 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में कई योग होते हैं, जिसमें कुछ शुभ फलदायी माने जाते हैं, जबकि कुछ अशुभ फल देने वाले होते हैं. अशुभ योगों में ज्वालामुखी योग भी शामिल है. इसमें कोई भी शुभ काम करने बचा जाता है क्योंकि उसके परिणाम शुभ फलदायी नहीं होते हैं. इस साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग फरवरी में बनने जा रहा है, जो सुबह से लेकर दोपहर तक रहेगा. ज्वालामुखी योग कुल 5 तिथियों पर विशेष नक्षत्रों की उपस्थिति में बनता है. आइए जानते हैं कि ज्वालामुखी योग कब बन रहा है? ज्वालामुखी योग में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग

ज्वालामुखी योग तब बनता है, जब प्रतिपदा तिथि पर मूल नक्षत्र, पंचमी तिथि पर भरणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि पर कृतिका नक्षत्र, नवमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र या फिर दशमी तिथि पर अश्लेषा नक्षत्र हो.

पंचांग के अनुसार, 24 फरवरी मंगलवार के दिन अष्टमी तिथि सुबह 07:01 ए एम से प्रारंभ हो रही है, वहीं कृत्तिका नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:07 पी एम तक है. ऐसे में साल का पहला ज्वालामुखी योग 24 फरवरी को बन रहा है. य​​ह ज्वालामुखी योग सुबह में 7 बजकर 1 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक है.

साल का दूसरा ज्वालामुखी योग

फिर दूसरा ज्वालामुखी योग 25 फरवरी को सुबह में 04:51 ए एम से बन रहा है और दोपहर में 01:38 पी एम तक है. इस दिन नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से ज्वालामुखी योग बना है.

ज्वालामुखी योग में क्या न करें?

  1. जब ज्वालामुखी योग होता है तो उस समय में गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, उपनयन संस्कार आदि नहीं करते हैं. यह अशुभ फलदायी होता है.
  2. ज्वालामुखी योग में नए काम या बिजनेस की शुरुआत न करें.
  3. ज्वालामुखी योग के समय मकान, दुकान, वाहन या अन्य प्रॉपर्टी की खरीदारी करने से बचना चाहिए.
  4. इस अशुभ योग में नए मकान के निर्माण का शुभारंभ भी नहीं करना चाहिए.
  5. जन्म और मृत्यु किसी के हाथ में नहीं है. लेकिन ज्वालामुखी योग में जिनका जन्म होता है, उनको सेहत से जुड़ी समस्याएं सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकती हैं.

About the Author

कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें



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