Galgotias University, India AI Impact summit: गलगोटियास यूनिवर्सिटी इस समय काफी सुर्खियों में है. वजह है दिल्ली के इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में एक चाइनीज रोबोट डॉग (Unitree Go2) को ओरियन नाम देकर यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बना हुआ बताना. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग हुई. लोगों ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने चाइनीज प्रोडक्ट को अपना इनोवेशन बताकर गलत दावा किया. यूनिवर्सिटी ने बाद में सफाई दी कि रोबोट बाहर से लाया गया था और वो छात्रों को एक्सपोजर देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन विवाद थमा नहीं.ऐसे में लोग गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बारे में तरह तरह की बातें सर्च कर रहे हैं और जानना चाहते हैं. तो आइए आपके जानते हैं कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी में बीटेक से एमबीए तक फीस कितनी लगती है, एडमिशन कैसे होता है और क्या सीयूईटी से एडमिशन मिलता है?
कितनी लगती है बीटेक की फीस?
गलगोटियास यूनिवर्सिटी में बीटेक (B.Tech) कोर्स 4 साल का होता है.फीस स्पेशलाइजेशन के हिसाब से थोड़ी बदलती रहती है, लेकिन औसतन सालाना ट्यूशन फीस ₹1.43 लाख से ₹1.64 लाख तक होती है इस तरह कुल 4 साल की ट्यूशन फीस ₹4.4 लाख से ₹6.56 लाख तक लगती है.इसके अलावा एग्जाम फीस हर साल लगभग ₹15,000 से ₹20,000 लगती है.वन-टाइम फीस कॉशन मनी, आईडी कार्ड आदि के लिए ₹2,000 से ₹3,000 रुपये लगते हैं.कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) जैसे पॉपुलर ब्रांच में फीस थोड़ी ज्यादा हो सकती है.
क्या एआई की भी होती है पढ़ाई
तमाम स्टूडेंटस ये जानना चाहते हैं कि क्या गलगोटियास यूनिवर्सिटी में एआई की भी पढ़ाई होती है तो इसका जवाब हां में है.गलगोटियास यूनिवर्सिटी में B.Tech in Computer Science and Engineering (Artificial Intelligence & Machine Learning) और B.Tech in Computer Science and Engineering (Artificial Intelligence) दोनों कोर्स की फीस और एडमिशन प्रक्रिया एक जैसी है. ये दोनों 4 साल के कोर्स हैं और यूनिवर्सिटी में काफी पॉपुलर हैं.बीटेक एआई के कार्स की सलाना ट्यूशन फीस ₹1,64,000,एग्जाम फीस ₹20,000, मेडिकल इंश्योरेंस ₹650, कॉशन मनी ₹2,000, स्टूडेंट आईडी कार्ड (वन टाइम) ₹1,000 लगता है इस तरह 4 साल के लिए कुल अनुमानित खर्च लगभग ₹7.38 लाख से ₹7.50 लाख तक है.ये फीस 2025-26 सेशन की है इसमें होस्टल, मेस, ट्रांसपोर्ट या अन्य चार्ज अलग से लग सकते हैं.
दोनों कोर्स में क्या अंतर है?
B.Tech CSE (AI & ML): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग दोनों पर फोकस होता है.यह ज्यादा प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड है.
B.Tech CSE (AI): मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस है.इसमें ML भी शामिल होता है लेकिन AI ज्यादा गहराई से पढ़ाया जाता है.
एडमिशन कैसे होता है?
गलगोटियास यूनिवर्सिटी में बीटेक में एडमिशन के लिए 12वीं में फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री/कंप्यूटर साइंस/आईटी/इलेक्ट्रॉनिक्स/टेक्निकल सब्जेक्ट्स में कम से कम 60% अंक जरूरी हैं.मुख्य रूप से CUET या SAT स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट बनती है.सीयूईटी (CUET) या SAT स्कोर वाले छात्रों को मेरिट लिस्ट में प्राथमिकता मिलती है.सीयूईटी स्कोर डी कोड 71057 पर इस्तेमाल होता है.एडमिशन मुख्य रूप से 12वीं के प्रतिशत और एंट्रेंस स्कोर (CUET/SAT) के आधार पर होता है. एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरें.12वीं मार्क्स और CUET/SAT स्कोर सबमिट करें.मेरिट लिस्ट बनेगी और काउंसलिंग/सीट अलॉटमेंट होगा. अगर सीट मिली तो फीस जमा करके एडमिशन कन्फर्म करें.
कितनी लगती है MBA की फीस?
एमबीए कोर्स 2 साल का होता है. गलगोटियास यूनिवर्सिटी में फीस स्पेशलाइजेशन पर निर्भर करती है. एमबीए की सालाना ट्यूशन फीस ₹1.15 लाख से ₹1.72 लाख लगती है इस तरह कुल 2 साल की फीस ₹2.2 लाख से ₹3.5 लाख तक होती है. कुछ स्पेशलाइजेशन में यह फीस ₹6.35 लाख तक लगती है.
- कुछ खास प्रोग्राम्स की फीस:
- MBA (Dual Specialization): कुल लगभग ₹3.08 लाख
- MBA (Logistics & Supply Chain): कुल लगभग ₹2.98 लाख
- MBA (Tourism & Travel): कुल लगभग ₹2.20 लाख
MBA एडमिशन कैसे होता है?
- ग्रेजुएशन में अच्छे मार्क्स या एंट्रेंस एग्जाम (CAT/MAT/XAT/CMAT आदि) स्कोर के आधार पर एडमिशन होता है.
- सीयूईटी (CUET-PG) से भी एडमिशन मिल सकता है.यूनिवर्सिटी CUET स्कोर को स्वीकार करती है.
- कुछ स्पेशलाइजेशन में इंटरव्यू/ग्रुप डिस्कशन भी होता है.
अन्य जरूरी खर्चे
- आवेदन फीस: ₹1,200
- स्कॉलरशिप: 12वीं या ग्रेजुएशन में 90%+ मार्क्स या एंट्रेंस एग्जाम स्कोर पर 20% तक छूट मिल सकती है.
- हॉस्टल फीस: ₹90,000 से ₹1.6 लाख प्रति साल (अनुमानित).
क्यों है गलगोटियास चर्चा में?
AI समिट विवाद के बाद यूनिवर्सिटी की फीस सर्च की जा रही है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि वो छात्रों को वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए बाहर से डिवाइस लाती है हालांकि इस सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी को काफी ट्रोल किया गया.


