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दिल्ली से मेरठ के लिए नमो भारत रैपिड रेल का संचालन पूरी तरह शुरू होने वाला है. 22 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी के उद्धाटन करने के बाद रैपिड रेल आरआरटीएस कॉरिडोर पर दौड़ेगी. 20 फरवरी को इसका सराय काले खां से बेगमपुल तक फाइनल ट्रायल रन किया गया है. आइए तस्वीरों में देखते हैं कि रैपिड रेल देखने में कैसी है? रैपिड रेल स्टेशन कैसे हैं? मेट्रो से सुंदर और दोगुनी रफ्तार वाली रैपिड रेल में सफर करने के लिए कौन सा कार्ड लेना होगा? आदि..
दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम के लिए नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का शुभारंभ 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं. इन्हीं तैयारियों के तहत आज 20 फरवरी को इसका फाइनल ट्रायल रन किया गया है. नमो भारत ट्रेन से महज 1 घंटे में दिल्ली से मेरठ पहुंचा जा सकता है. देखने में मेट्रो से भी सुंदर और रफ्तार में दोगुनी इस रेल का नजारा काफी खास है, आइए आज आपको इसके अंदर और बाहर के दर्शन कराते हैं.
नमो भारत रैपिड रेल देखने में कुछ कुछ मेट्रो ट्रेनों जैसी ही है. हालांकि इसका सीटिंंग सिस्टम मेट्रो से अलग है. काफी साफ-सुथरी इस ट्रेन के दरवाजे भी मेट्रो की तरह ही खुलेंगे, हालांकि मेट्रो की तरह नमो भारत के स्टेशन काफी पास-पास नहीं हैं बल्कि दूर-दूर हैं.
रैपिड रेल के प्लेटफॉर्म और कॉनकोर्स को देखकर आपको मेट्रो स्टेशनों की याद आएगी. क्योंकि ये मेट्रो की तरह ही बनाए गए हैं. काफी चौड़े कॉरिडोर और पाथवे गैलरी हैं. कई मंजिलों के प्लेटफॉर्म हैं. सीढ़ियां, एस्कलेटर और लिफ्ट भी मेट्रो की तरह ही दिखाई देंगी.
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हालांकि नमो भारत रैपिड रेलों में बैठने की सीटें दिल्ली मेट्रो के बजाय एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो या दुबई मेट्रो या भारतीय रेलवे की ट्रेनों की तरह हैं. यह मेट्रो की तरह हॉरिजंटल न होकर वर्टिकल सिटिंग है. रेल में दोनों साइड दो-दो सीटें हैं और बीच में पैसेंजर के लिए निकलने और पकड़ने के लिए दो रॉ में ग्रैब हैंडल लगे हैं. इन्हें पकड़कर यात्री खड़े होकर भी रैपिड रेल में सफर कर सकते हैं.
अगर आप नमो भारत में स्टेशनों और ट्रेनों की जानकारी चाहते हैं तो इसके लिए बाकायदा बड़े बड़े साइन बोर्ड लगे हैं. जिनमें आने-जाने वाली ट्रेनों और गंतव्यों की पूरी जानकारी दी गई है. ऐसे साइन बोर्ड मेट्रो में भी हैं, लिहाजा लोगों को इन्हें पढ़ना और समझना बेहद आसान है. इनमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्टेशनों के नाम और जानकारी दी गई है.
नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर में मेट्रो स्टेशनों की तरह ही एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधाएं हैं. साथ में सीढ़ियां भी हैं. इसके साथ ही इमरजेंसी पैनल, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर आदि की सुविधाएं भी हैं.
रैपिड रेल का प्लेटफॉर्म भी टू वे है, यानि दोनों ओर से ट्रेनें आ और जा सकती हैं. मेट्रो स्टेशनों के बजाय रैपिड रेल का प्लेटफॉर्म काफी खुला और बड़ा है. यहां से सैकड़ों लोग एक बार में रेल में सफर कर सकते हैं. कई बार यह देखने में हाई क्वालिटी रेलवे स्टेशन जैसा भी दिख सकता है.
नमो भारत रैपिड रेल स्टेशनों पर छोटे छोटे जनरल स्टोर बूथ्स या कियोस्क भी लगे हैं, जहां ऑटोमेटिक पेमेंट के माध्यम से लोग पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक आदि खरीद सकते हैं. इसके अलावा छोटे-छोटे आउटलेट्स भी यहां पर होंगे, जहां लोग फास्ट फूड कॉफी आदि ले सकेंगे.
दिल्ली से मेरठ की दूरी करीब 82 किलोमीटर की है, जिस पर नमो भारत मेट्रो रेल चलाई जा रही है. चूंकि ट्रेन की रफ्तार ही 160 से 180 किलोमीटर है और नॉमर्ल रनिंग स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा है ऐसे में दिल्ली से मेरठ पहुंचने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा. इसके बाद यह रेल मेरठ मेट्रो से जुड़ेगी और मेरठ के अंदरूनी हिस्सों में सफर आसान हो जाएगा.
नमो भारत ट्रेनें, मेट्रो ट्रेनों की तरह ही काफी साफ-सुथरी हैं. और इनके अंदर पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी, मेट्रो स्टेशनों की जानकारी के लिए स्क्रीन आदि की सुविधा मौजूद है. मेट्राे की तरह नमो रेल में भी एक डिब्बे से सभी डिब्बों में पार जाने की सुविधा है.
नमो भारत स्टेशन को पूरी तरह डीएमआरसी और बस इंटरचेंज से कनेक्ट किया गया है. इसके लिए मार्गदर्शक बोर्ड भी लगे हैं. एंट्री और एक्जिट भी मेट्रो स्टेशनों की तरह है. रैपिड रेल और मेट्रो दोनों में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड से सफर किया जा सकेगा और अलग-अलग कार्ड नहीं लेना होगा. इसमें एसबीआई और एयरटेल के कार्ड से भी सफर किया जा सकता है.
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