Simhastha Kumbh 2027 & Nashik Ozar Airport Expansion: महाराष्ट्र का धार्मिक और सांस्कृतिक शहर नासिक अब एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है. साल 2027 में होने वाले सिम्हस्थ कुंभ मेला को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नासिक के ओझर एयरपोर्ट के गेगा एक्सपेंशन को मंजूरी दे दी है. अनुमान है कि इस धार्मिक आयोजन के दौरान करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से नासिक पहुंचेंगे, ऐसे में मौजूदा एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले पैसेंजर लोड को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा था. एविएशन अथॉरिटीज का मानना है कि अगर समय रहते एयरपोर्ट कैपेसिटी नहीं बढ़ाई गई, तो कुंभ मेले के दौरान भारी कंजेशन, फ्लाइट डिले और पैसेंजर इनकन्वीनियंस जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. इसी वजह से एयरपोर्ट मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट को फास्ट-ट्रैक मोड में शुरू किया गया है.
नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल बदलेगा एयरपोर्ट की तस्वीर
- एक्सपेंशन प्लान के तहत नासिक एयरपोर्ट पर लगभग 18,250 स्क्वायर मीटर में नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग बनाया जाएगा.
- यह टर्मिनल आधुनिक एयरपोर्ट स्टैंडर्ड्स के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें पैसेंजर कंफर्ट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी दोनों पर ध्यान दिया गया है.
- वर्तमान में एयरपोर्ट हर घंटे करीब 300 पैसेंजर्स संभाल सकता है, लेकिन एक्सपेंशन के बाद यह क्षमता बढ़कर लगभग 1,000 पैसेंजर्स प्रति घंटा हो जाएगी.
- इससे पीक ट्रैवल पीरियड में भी यात्रियों को लंबी लाइनों से राहत मिलेगी. नए टर्मिनल में 24 चेक-इन काउंटर्स बनाए जाएंगे, जिससे बोर्डिंग प्रोसेस तेज होगा.
- इसके अलावा, एडवांस सिक्योरिटी स्क्रीनिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अंतरराष्ट्रीय स्तर के हों. आधुनिक बैगेज हैंडलिंग कैरोसेल्स भी लगाए जाएंगे, जिससे सामान जल्दी मिल सके.
- एयरपोर्ट पर एरोब्रिज भी जोड़े जाएंगे. इससे यात्रियों को टारमैक पर पैदल चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सीधे टर्मिनल से प्लेंन में दाखिल हो सकेंगे.
बेहतर एयरक्राफ्ट ऑपरेशंस के लिए रिडेवलप होगा एप्रन एरिया
एक्सपेंशन केवल टर्मिनल तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट के एप्रन एरिया को भी बड़े स्तर पर विकसित किया जा रहा है. लगभग 1.15 लाख स्क्वायर मीटर एप्रन तैयार किया जाएगा, जिससे एयरक्राफ्ट पार्किंग बेस की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो जाएगी. इससे एक साथ ज्यादा फ्लाइट ऑपरेशंस संभव होंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार पैरेलल रनवे बनाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है, जिसमें हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की तकनीकी सहायता मिल सकती है. इससे एयरपोर्ट की ऑपरेशनल रिलायबिलिटी बेहतर होगी.
हाल ही में महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ने इस टर्मिनल प्रोजेक्ट का ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी किया था. राज्य सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट की फंडिंग करेगी. फिलहाल प्रोजेक्ट लागत करीब ₹572 करोड़ बताई गई है, जो बढ़कर लगभग ₹640 करोड़ तक जा सकती है. फिलहाल, अधिकारियों ने मार्च 2027 की डेडलाइन तय की है ताकि कुंभ मेले से पहले टेस्टिंग, ट्रायल ऑपरेशंस और सभी तकनीकी जांच पूरी की जा सकें.
एयरपोर्ट एक्सपेंशन के साथ नासिक शहर में ट्रैफिक कम करने के लिए 66.15 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड भी बनाई जा रही है. कुंभ मेले के दौरान भारी रोड ट्रैफिक को संभालने में यह अहम भूमिका निभाएगी. इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लागू कर रहा है. प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹7,922 करोड़ है. करीब 386 हेक्टेयर जमीन 25 गांवों से अधिग्रहित की जाएगी. लैंड एक्विजिशन पर लगभग ₹3,659.47 करोड़ खर्च होंगे, जबकि सिविल कंस्ट्रक्शन का खर्च मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज वहन करेगी. प्रशासन किसानों से लगातार बातचीत कर रहा है. सरकार के नियमों के अनुसार कम्पेनसेशन दिया जाएगा. –शेखर सिंह, कमिश्नर, कुंभ मेला अथॉरिटी
2027 कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए नासिक में क्या तैयारियां की जा रही हैं?
नासिक में 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को देखते हुए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारियां की जा रही हैं. अनुमान है कि इस बार 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शहर पहुंच सकते हैं, जबकि 2015 में करीब 2 करोड़ लोग आए थे. इसी भारी भीड़ को संभालने के लिए एयरपोर्ट एक्सपेंशन और रिंग रोड प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी गई है. इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य केवल यातायात प्रबंधन नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और शहर की समग्र क्षमता को बढ़ाना भी है.
एयरपोर्ट विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से नासिक को दीर्घकालिक रूप से क्या लाभ मिल सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं केवल कुंभ मेले तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि नासिक की लॉन्ग-टर्म कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी. बेहतर एयर कनेक्टिविटी से टूरिज्म, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और निवेश के अवसर बढ़ेंगे. साथ ही शहर क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का केंद्र बन सकता है. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी.
सरकार की नासिक को लेकर भविष्य की क्या योजना है?
सरकार का लक्ष्य है कि कुंभ मेला 2027 केवल धार्मिक आयोजन न रहकर स्मार्ट अर्बन प्लानिंग और आधुनिक विकास का उदाहरण बने. एयरपोर्ट, सड़क नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को विकसित कर शहर को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है. यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो नासिक आने वाले वर्षों में एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी.


