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मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पीठ ने कहा कि डीवीएसी को ईडी द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर मंत्री के एन नेहरू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए. पीठ ने इस तथ्य का संज्ञान लिया कि यद्यपि ईडी की शिकायत अस्पष्ट थी, लेकिन उसने प्रचुर मात्रा में ऐसी सामग्री प्रस्तुत की जो पहली नजर में आरोप के सत्य होने का संकेत देती है.
हाईकोर्ट ने कहा कि मंत्री के एन नेहरू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए. (फाइल फोटो)
चेन्नई. तमिलनाडु की सियासत में भारी भूचाल आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने करप्शन के एक अहम मामले में सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने विजिलेंस और एंटी-करप्शन डायरेक्ट्रेट (डीवीएसी) को एक सीधा आदेश दिया है. अदालत ने मौजूदा मंत्री केएन नेहरू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है. यह पूरा मामला नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में हुए घूसकांड से जुड़ा है.
इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डीवीएसी के साथ कई सीक्रेट इनपुट शेयर किए थे. चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने सख्त एक्शन लिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि ईडी के सबूतों के आधार पर केस दर्ज होना चाहिए. इस आदेश के बाद सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है.
ईडी के इनपुट से खुली मंत्री की पोल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस में अहम रोल प्ले किया है. कोर्ट ने माना कि ईडी की शिकायत शुरुआत में थोड़ी अस्पष्ट जरूर थी. लेकिन एजेंसी ने कई पुख्ता सबूत और मेटेरियल पेश किए हैं. ये सबूत प्रथम दृष्टया मंत्री पर लगे आरोपों को सही साबित करते हैं. इन्हीं पुख्ता सबूतों को देखकर हाईकोर्ट ने यह कड़ा कदम उठाया है. इससे मंत्री केएन नेहरू की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं.
हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई कड़ा फटकार
इस पूरे मामले में राज्य सरकार का रवैया भी सवालों के घेरे में है. अदालत ने सरकार की सुस्ती पर गहरी नाराजगी जताई है. बेंच ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 173 के तहत जांच होनी चाहिए थी. यह प्रारंभिक जांच 14 दिनों के अंदर पूरी हो जानी चाहिए थी. लेकिन सरकार ने इस काम में जानबूझकर बहुत ज्यादा देरी की है. कोर्ट ने इस लेटलतीफी को बिल्कुल भी सही नहीं माना है.
डीवीएसी को मिला सख्त और सीधा आदेश
मद्रास हाईकोर्ट का यह आदेश डीवीएसी के लिए एक कड़ा मैसेज है. अब डीवीएसी को बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज करनी होगी. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि करप्शन के मामलों में कोई नरमी नहीं होगी. जल आपूर्ति विभाग में हुए इस कथित घूसकांड की अब पूरी गहराई से जांच होगी. यह मामला आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने ला सकता है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


