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Lemon Farming Tips: गर्मी में नींबू की मांग बढ़ने के साथ किसानों के लिए कमाई का अवसर आता है, लेकिन फूल झड़ने से उत्पादन प्रभावित होता है. किसान अनूप कुमार ने बताया कि पौधों में फूल लगते समय जड़ों के पास लकड़ी की राख डालना फायदेमंद है. राख में मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम से पैदावार बढ़ी और फूल झड़ना कम होता है.
कोडरमा: जैसे ही गर्मी का मौसम दस्तक देता है. बाजार में नींबू की मांग तेजी से बढ़ जाती है. शरबत, सलाद और ठंडे पेयों में उपयोग के कारण नींबू की कीमत भी चढ़ने लगती है. ऐसे में जिन किसानों के खेत और बागान में नींबू के पेड़ लगे हैं. उनके लिए यह मौसम कमाई का बड़ा अवसर होता है. लेकिन इस अवसर के साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आती है. नींबू के पेड़ों में फूल लगने के बाद उनका झड़ जाना.
फूल झड़ने की समस्या के कारण कई बार पेड़ों में पर्याप्त फल नहीं लग पाते. जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. किसान तरह-तरह के रासायनिक खाद और दवाओं का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई बार संतोषजनक परिणाम नहीं मिलते. ऐसे में पारंपरिक और घरेलू उपाय किसानों के लिए राहत का रास्ता बन सकते हैं. कोडरमा के किसान अनूप कुमार ने बताया कि उनके बागान में दो बड़े नींबू के पेड़ लगे हुए हैं. हर साल इन पेड़ों में अच्छी मात्रा में फूल आते हैं. शुरुआत में अधिकांश फूल झड़ जाते थे. इस कारण उन्हें उम्मीद के मुताबिक फल नहीं मिल पाते थे. इस समस्या से परेशान होकर उन्होंने खेती से वर्षों तक जुड़े रहे अपने दादा से इसकी चर्चा की थी.
ऐसे करें इस्तेमाल
उन्होंने एक बेहद आसान और कारगर उपाय बताया. उन्होंने सलाह दी कि जब नींबू के पौधे में फूल लगने शुरू हों, उसी समय पेड़ की जड़ के पास दो से तीन इंच मिट्टी हल्के से हटा दें. इसके बाद वहां लकड़ी की राख डालें और फिर ऊपर से थोड़ी मिट्टी डालकर हल्का पानी दे दें. उन्होंने इस उपाय को अपनाया और परिणाम चौंकाने वाले रहे. पिछले करीब पांच वर्षों से उन्हें नींबू के पेड़ों से काफी अच्छी पैदावार मिल रही है. अब फूल झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो गई है और पेड़ों में फल की संख्या भी बढ़ गई है.
अब महंगी खाद और दवा की जरूरत नहीं
उन्होंने बताया कि लकड़ी की राख में पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व पाए जाते हैं. पोटैशियम पौधों में फूल और फल के विकास के लिए बेहद जरूरी होता है. यह पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है. वहीं मैग्नीशियम पत्तियों को हरा-भरा रखने और प्कैल्शियम जड़ों को मजबूत बनाता है और फूलों के गिरने की समस्या को कम करता है. इस उपाय की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगी खाद या दवा की जरूरत नहीं पड़ती. लकड़ी की राख गांवों में आसानी से उपलब्ध हो जाती है.
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