Last Updated:
झांसी मंडल ने 12 रेलवे स्टेशनों पर 22 एटीवीएम चलाने के लिए 65 दिव्यांग फेसिलिटेटर की भर्ती शुरू की है, जिससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनेंगे और यात्रियों को टिकट लेना आसान होगा.
आम लोगों को भी होगी राहत.
झांसी. उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने दिव्यांगजनों के लिए एक सुनहरा अवसर दे रहा है. झांसी मंडल के 12 रेलवे स्टेशनों पर लगी 22 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) को चलाने के लिए कुल 65 दिव्यांग फेसिलिटेटर (सहायक) की भर्ती की जा रही है. यह योजना दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
इस भर्ती में केवल गतिशील अक्षमता (लोकोमोटर डिसएबिलिटी) वाले दिव्यांगजन ही आवेदन कर सकते हैं. सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी, उनके दिव्यांग परिवार के सदस्य और सामान्य दिव्यांगजन भी इसमें भाग ले सकते हैं. चयनित फेसिलिटेटर यात्रियों को टिकट लेने में मदद करेंगे और हर टिकट पर उन्हें अच्छा कमीशन मिलेगा, जिससे उन्हें नियमित और स्थिर आय का स्रोत मिलेगा.
ये 22 एटीवीएम मशीनें झांसी मंडल के इन 12 प्रमुख स्टेशनों पर लगी हैं, जिसमें वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, मुरैना, बांदा, चित्रकूट धाम कर्वी, महोबा, ललितपुर, डबरा, दतिया, उरई, खजुराहो और हरपालपुर शामिल हैं. इससे यात्रियों को टिकट लेना आसान होगा और दिव्यांगजनों को भी रेलवे से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा. आवेदन फॉर्म किसी भी कार्य दिवस (सोमवार से शुक्रवार) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक किसी भी बुकिंग कार्यालय से मिलेगा.
फॉर्म भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट www.ncr.indianrailways.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 है. झांसी मंडल की यह पहल एक सराहनीय कदम है. यह न केवल दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा भी बढ़ाएगी. मंडल प्रशासन ने सभी पात्र दिव्यांगजनों, खासकर सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों से इस सुनहरे अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है. इससे दिव्यांगों के साथ आम लोगों को भी लाभ मिलेगा,टिकट के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी. स्टेशन पहुंचकर सीधा टिकट लेकर सफर कर सकेंगे.


