औषधीय गुणों का पिटारा है ये झाड़ीदार पौधा! विटामिन और कैल्शियम से भरपूर, पीरियड्स में बेहद फायदेमंद

Date:


Last Updated:

Shatavari Health Benefits: शतावरी एक ऐसा पौधा है, जो आयुर्वेद का खजाना माना जाता है. शतावरी में कई आयुर्वेदिक गुण छिपे होते हैं, जो कई बीमारियों में कारगर माना जाता है. यह झाड़ीदार पौधा न केवल महिलाओं की सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि पुरुषों को भी कई समस्याओं से राहत देता है.

गोंडा: प्रकृति की गोद में मौजूद अनगिनत औषधीय पौधों में से एक है शतावरी, जो अपने अद्भुत गुणों के कारण आयुर्वेद में हजारों वर्षों से उपयोग में लाई जाती रही है. यह झाड़ीदार पौधा न केवल महिलाओं की सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि पुरुषों को भी कई समस्याओं से राहत देता है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि शतावरी में कैल्शियम, आयरन, विटामिन-ए, सी और ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और थकान, कमजोरी व तनाव को दूर करने में सहायक होता है.

महिलाओं के लिए क्यों है खास?

डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि शतावरी महिलाओं के हार्मोन संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद की कमजोरी में यह एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करती है. यह शरीर को फिर से ऊर्जा और संतुलन देने में मददगार साबित होती है.

पुरुषों को भी मिलते हैं लाभ

शतावरी सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी लाभकारी है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि यह यौन कमजोरी, मानसिक तनाव और पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है. इसका सेवन पाउडर, कैप्सूल या काढ़े के रूप में किया जा सकता है.

कैसे करें सेवन और क्या बरतें सावधानी?

शतावरी का सेवन आमतौर पर डाइट सप्लीमेंट के रूप में किया जाता है. हालांकि डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा का सुझाव है कि किसी भी औषधीय पौधे को उपयोग में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि शरीर की प्रकृति के अनुसार सही मात्रा और तरीका अपनाया जा सके.

डॉ अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि शतावरी हार्ट के पेशेंट के लिए काफी अच्छी दवा मानी जाती है. यदि हार्ड के पेशेंट शतावरी का सेवन करते हैं, तो वह काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन बिना किसी डॉक्टर या वैद्य के सलाह से किसी भी औषधि पौधे का सेवन नहीं करना चाहिए या आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

किन-किन बीमारियों में आता है काम?

डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि शतावरी से कई प्रकार के आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं. आवश्यकता पड़ने पर लोग सीधे उनके केंद्र पर आकर ये उत्पाद ले जाते हैं, जो पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित होते हैं. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि शतावरी के जड़ को पीसकर इसका चूर्ण बनाएं और दूध या शहद के साथ एक से डेढ़ ग्राम शतावरी के चूर्ण को मिलाकर सुबह-शाम इसका सेवन कर सकते हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Holashtak start 24 February 2026 Why these eight days inauspicious Know what to do and not to do during Holashtak | 24 फरवरी से...

होमताजा खबरधर्म24 फरवरी से होलाष्टक शुरू, क्यों अशुभ...