Last Updated:
Indian Railway Boarding Station: इंडियन रेलवे के पास दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. ट्रेन से लोकल से लेकर लंबी दूरी तक के लाखों पैसेंजर्स डेली ट्रैवल करते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि यात्री ने जिस स्टेशन से डेस्टिनेशन तक के लिए टिकट बुक कराया है, वहां के बजाय किसी दूसरे प्वाइंट से ट्रेन लेना चाहता है. इसको लेकर पहले से नियम हैं, जिन्हें अब और आसान बनाने की कोशिश चल रही है.
रेलवे बोर्डिंग स्टेशन बदलने से जुड़े नियमों में बदलाव कर उसे और आसान बनाने की तैयारी कर रहा है. (फाइल फोटो)
Indian Railway Boarding Station: भारतीय रेलवे यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत दे सकता है. ट्रेन में चढ़ने के लिए निर्धारित बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों को और आसान बनाने की दिशा में पहल की गई है. रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में Centre for Railway Information Systems (CRIS) को प्रस्ताव भेजकर इसकी व्यवहारिकता पर राय मांगी है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यात्रियों को ट्रेन छूटने से पहले अधिक समय तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट यानी बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा मिल सकेगी.
रेलवे बोर्ड द्वारा 19 फरवरी 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में यात्रियों को केवल पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने तक ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति है. लेकिन अब रेलवे इस समय सीमा को बढ़ाकर दूसरे रिजर्वेशन चार्ट के तैयार होने तक करने पर विचार कर रहा है. इससे यात्रियों को ट्रैवल प्लान में बदलाव की स्थिति में अधिक सुविधा मिल सकेगी.
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की पहल
रेलवे बोर्ड के अनुसार, पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव के कारण यह प्रस्ताव लाया गया है. अब पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से लगभग 10 से 20 घंटे पहले तैयार किया जाता है. ऐसे में कई यात्रियों को अचानक यात्रा कार्यक्रम बदलने या किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की जरूरत पड़ती है, लेकिन मौजूदा नियमों के कारण वे ऐसा नहीं कर पाते. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग प्वाइंट बदलने की अनुमति दूसरे रिजर्वेशन चार्ट तक देने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके लिए CRIS से तकनीकी और ऑपरेशनल लेवल पर इसकी फिजिबिलीटी की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है, ताकि इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जा सके.
क्या है मौजूदा नियम
फिलहाल यदि कोई यात्री किसी विशेष स्टेशन से आरक्षित टिकट बुक करता है, तो उसे ट्रेन में उसी स्टेशन से चढ़ना होता है. हालांकि, जरूरत पड़ने पर वह पहले रिजर्वेशन चार्ट बनने से पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है. चार्ट तैयार होने के बाद यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कई बार यात्रियों को अचानक यात्रा योजना बदलनी पड़ती है, जैसे किसी अन्य शहर से यात्रा शुरू करना या रास्ते में किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना. ऐसे मामलों में मौजूदा समय सीमा कम पड़ती है, जिसे बढ़ाकर अधिक लचीला बनाया जा सकता है.
रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने का समय
भारतीय रेलवे द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने का समय ट्रेन के प्रस्थान समय पर निर्भर करता है. सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए पहला रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर पिछले दिन रात 8:00 बजे तक तैयार कर लिया जाता है. वहीं, दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक चलने वाली ट्रेनों तथा रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे के बीच प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के लिए पहला रिजर्वेशन चार्ट निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 10 घंटे पहले तैयार किया जाता है.
About the Author
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें


