अद्रिजा रॉय ने ‘अनुपमा’ में मेल डोमेस्टिक वायलेंस ट्रैक पर तोड़ी चुप्पी, कहा- पुरुष भी होते हैं इसका शिकार

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पॉपुलर टीवी शो ‘अनुपमा’ में राही कपाड़िया का किरदार निभा रहीं एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय ने शो में दिखाए जा रहे पुरुष घरेलू हिंसा के संवेदनशील ट्रैक पर अपनी बेबाक राय रखी है. अद्रिजा ने कहा कि अक्सर समाज में केवल महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा पर चर्चा होती है, लेकिन यह कड़वा सच है कि पुरुष भी शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार होते हैं. अद्रिजा के अनुसार, सामाजिक लोकलाज और जज किए जाने के डर से पुरुष अक्सर चुप्पी साध लेते हैं. उन्हें गर्व है कि ‘अनुपमा’ जैसा बड़ा प्लेटफॉर्म इस अनछुए और जरूरी मुद्दे को उठा रहा है.

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अद्रिजा रॉय ने की ‘अनुपमा’ के मेकर्स की जमकर तारीफ.

नई दिल्ली. टीवी शो ‘अनुपमा’ में राही कपाड़िया का किरदार निभा रहीं एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय ने हाल ही में शो के पुरुष घरेलू हिंसा वाले ट्रैक पर अपनी राय रखी है. अद्रिजा ने कहा कि समाज में अक्सर इस मुद्दे पर बात नहीं की जाती, इसलिए उन्हें गर्व है कि वह ऐसे संवेदनशील विषय को उठाने वाले शो का हिस्सा हैं. उन्होंने साफ किया कि हिंसा किसी के भी खिलाफ हो, वह गलत है. इस ट्रैक के जरिए शो ने एक बार फिर समाज के अनछुए पहलुओं को उजागर करने की कोशिश की है.

अद्रिजा रॉय ने की ‘अनुपमा’ के मेकर्स की तारीफ

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहलू को भी मान्यता देना बहुत जरूरी है. अद्रिजा को ‘अनुपमा’ के मेकर्स की सबसे अच्छी बात यही लगती है कि वे सोशल टॉपिक्स को सिर्फ ड्रामा के लिए नहीं लाते, बल्कि हर ट्रैक के जरिए एक सकारात्मक और अर्थ से भरा मैसेज देते हैं.

हर ट्रैक का असल जिंदगी से होता है कनेक्शन

अद्रिजा ने बताया, ‘मेकर्स अपनी कहानियों को बहुत सावधानी से चुनते हैं. हर ट्रैक का असल जिंदगी से कनेक्शन होता है – कुछ ऐसा जो लोग अपने घरों या रिश्तों में रोज महसूस करते हैं. अनुपमा जैसे शो उन लोगों को हिम्मत देते हैं जो ऐसे हालात में अकेले चुपचाप परेशान होते हैं. जब दर्शक स्क्रीन पर ऐसी कहानियां देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि वे अकेले नहीं हैं. इससे उन्हें बोलने या मदद मांगने की हिम्मत मिलती है. यही कहानी कहने की असली ताकत है.’

अद्रिजा रॉय को ‘अनुपमा’ का हिस्सा होने पर है गर्व

एक्ट्रेस मानती हैं कि एक्टर्स और क्रिएटर्स की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म का समझदारी से इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा, ‘अगर हम किसी की जिंदगी में छोटा सा भी बदलाव ला सकें या उन्हें यह महसूस करा सकें कि उनकी बात सुनी जा रही है, तो हमारा काम सार्थक हो जाता है. मुझे गर्व है कि हमारा शो रोजमर्रा के उन मुद्दों को दिखाता रहता है जो होते तो बहुत हैं, लेकिन जिन पर खुलकर बात कम होती है.’

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Kamta Prasad

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें



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