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India Nepal relations: भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना बेटी रोटी का रिश्ता अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है. रक्सौल बॉर्डर पर लगा महा रक्तदान शिविर सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के दिलों को जोड़ने वाला ऐतिहासिक क्षण बन गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, अब यह रिश्ता सिर्फ सामाजिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि खून का रिश्ता बन चुका है.
मोतिहारी. भारत और नेपाल के बीच सदियों से बेटी रोटी का संबंध रहा है. अब दोनों देशों ने मिलकर एक ऐसा कदम उठाया है कि यह रिश्ता खून का रिश्ता बन गया है. रक्सौल बॉर्डर पर आयोजित महा रक्तदान शिविर ने दोनों देशों के नागरिकों को एक दूसरे के करीब ला दिया है. संकट के समय में नेपाल का खून भारत के लोगों के काम आएगा और भारत का खून नेपाल के लोगों के. यह आयोजन दोनों देशों के लायंस क्लब इंटरनेशनल (Lions Clubs International) लायंस क्लब के सहयोग से हुआ. इसमें सैनिकों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया.रक्तदाताओं को रक्तवीर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. कहा जा रहा है कि समाज और दोनों देशों की मिलीजुली पहल से हुए इस आयोजन ने सीमा को सिर्फ भौगोलिक रेखा नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास का पुल बना दिया.
रक्तदान शिविर का आयोजन
शंकराचार्य गेट के पास रक्सौल बॉर्डर पर यह रक्तदान शिविर लगाया गया. भारत और नेपाल के जवान, अधिकारी, नागरिक और स्वयंसेवी यहां रक्तदान करने पहुंचे. लायंस क्लब ने सभी दाताओं को रक्तवीर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. इस शिविर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और दोनों देशों के लोगों ने एक साथ रक्त दान कर भाईचारे का संदेश दिया. यह आयोजन सीमा पर शांति और सहयोग को बढ़ावा देने वाला साबित हुआ.
लायंस क्लब का सहयोग
रक्सौल के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि यह महा रक्तदान शिविर दोनों देशों के लायंस क्लब के सहयोग से आयोजित किया गया. इसमें स्थानीय सीमा सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी भी रक्तदान करने आए. ऐसे कार्यक्रमों से भारत और नेपाल के बीच संबंध और मजबूत होंगे. लायंस क्लब ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने रक्त संग्रह और वितरण की व्यवस्था की. यह पहल दोनों देशों के लोगों में विश्वास बढ़ाएगी.
बीरगंज मेयर का बयान
बीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह ने कहा कि बेटी रोटी के संबंध के साथ अब रक्तदान से दोनों देशों के रिश्ते में और मजबूती आएगी. पहले संबंध बेटी रोटी का था, अब खून का रिश्ता जुड़ गया है. नेपाल के परसा जिला के डीएम भोला दहाल ने भी इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सीमा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएंगे. दोनों देशों के नागरिकों को आपात स्थिति में रक्त उपलब्ध होगा.
रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाला काम
रक्सौल का यह महा रक्तदान शिविर भारत और नेपाल के रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ है. आपात स्थिति में दोनों देशों के नागरिक एक दूसरे के काम आएंगे. बेटी रोटी के रिश्ते के बाद अब खून का रिश्ता जुड़ना इस बात का संकेत है कि सीमा पर बसने वाले लोग राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता दे रहे हैं. ऐसे आयोजन दोनों देशों के भविष्य को और मजबूत बनाएंगे.
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