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बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ POCSO Act के तहत केस दर्ज होने के बाद मामला जोर पकड़ लिया है. अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद ही स्वामी का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद.
प्रयागराजः ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है. उन्हें शनिवार को यौन शोषण के आरोपों के मामले में एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. एडीजे पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तथा उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
यह है मामला
गौरतलब है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष व शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब शनिवार को अदालत ने इस मामले में फैसला सुना दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस ने की दर्ज एफआईआर
एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. पुलिस अब इस मामले में विवेचना शुरू करेगी.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी भी अदालत में सौंपी है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला है और वे प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि लोगों के सामने सच्चाई रखी जा सके.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष
अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. स्वामी का कहना है कि FIR दर्ज होना प्रक्रिया का हिस्सा है और अब जांच ही असली सच सामने लाएगी. स्वामी ने शिकायतकर्ता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया और कहा, जिसने मेरे खिलाफ आरोप लगाए हैं, वह खुद इतिहास में अपराध दर्ज होने वाला व्यक्ति है. उसका रिकॉर्ड इसे साबित करता है. उसका मुख्य काम लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके पैसे वसूलना है. शिकायतकर्ता ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का शिष्य होने का दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गाय संरक्षण के लिए उठाई गई आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने न्यायपालिका में विश्वास जताया और कहा, हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह नहीं हैं. हम चाहते हैं कि हमारे खिलाफ मामले वापस लिए जाएं. हम बिना डर के बोलते रहेंगे और हमें विश्वास है कि सच्चाई विजयी होगी.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें


