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केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार सड़क दुर्घटना से बचने को लेकर संदेश जारी किया जाता है. जागरुकता लाने के लिए कैंपेन भी चलाए जाते हैं, इसके बावजूद सड़क दुर्घटना की खबरें अक्सर ही सामने आती रहती हैं. अब ओडिशा से दिल को चीरने वाली ऐसी ही घटना सामने आई है.
ओडिशा के झारसुगुड़ा में कार और ट्रक की टक्कर में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.
भुवनेश्वर. ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के सदर पुलिस स्टेशन के सामने रविवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में पांच पुलिसकर्मियों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतक अधिकारियों की पहचान काशीराम भोई (एपीआर), निरंजन कुजूर (ड्रिल सब-इंस्पेक्टर), देबदत्त (एपीआर), लिंगराज धुरुआ (एपीआर हवलदार) और भक्तबंधु मिर्धा (होम गार्ड) के रूप में की गई है. इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों में दुबराज मिरिग (एपीआर), आकाश नायक (एपीआर) और राजीव भारसागर (सार्जेंट) शामिल हैं.
यह हादसा तब हुआ जब लोहे की छड़ों से लदे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ट्रक की पुलिसकर्मियों को ले जा रही बोलेरो गाड़ी से आमने-सामने टक्कर हो गई. यह हादसा झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशन के सामने हुआ. एक स्थानीय निवासी ने बताया, ‘आज राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशन के सामने एक भीषण दुर्घटना घटी, जिसमें एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे पांच पुलिसकर्मियों की जान चली गई. इस हादसे में अपने परिवार के मुखिया को खोने से पांचों शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार सदमे में हैं.’ घायल पुलिसकर्मियों का फिलहाल झारसुगुडा जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज चल रहा है.
अधिकारियों की उदासीनता का मुद्दा
इसी बीच, स्थानीय निवासियों ने राजमार्ग को दो लेन से चार लेन तक विस्तारित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग के संबंध में सरकार और एनएचएआई अधिकारियों की कथित उदासीनता पर सवाल उठाए. स्थानीय निवासी ने बताया कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई, नागपुर और अन्य स्थानों के लिए प्रतिदिन हजारों हल्के और भारी वाहन इस सड़क से होकर गुजरते हैं. पिछले दो दशकों से इस सड़क को चार लेन का बनाने की मांग की जा रही है. हालांकि, सब कुछ कागजों पर ही है और इसे चार लेन का राजमार्ग बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है. इस सड़क पर नियमित रूप से दुर्घटनाएं होती रहती हैं. सरकार को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए. इस हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, चालक को हिरासत में लिया और घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया.
रोड एक्सीडेंट से जुड़ीं अहम बातें
रोड एक्सीडेंट प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में घटने वाली घटना है. कोई रोड एक्सीडेंट मानव जीवन के लिए भी बड़ा खतरा होता है. कुछ आंकड़ों के मुताबिक भारत में प्रत्येक दिन 500 से अधिक वाहन दुर्घटनाएं होती है और इनमें अनेकों लोग वाहन दुर्घटनाओं में जान तक गंवा देते हैं. इस लेख में वाहन दुर्घटना से संबंधित भारतीय कानून पर चर्चा की जा रही है. वाहन दुर्घटनाओं के लिए तथा मोटर यातायात के लिए मोटर व्हीकल अधिनियम, 1988 अधिनियमित है. यह एक केंद्रीय कानून है जिसे भारत की संसद द्वारा पारित किया गया है. जब भी कोई वाहन दुर्घटना होती है तब सिविल के साथ कुछ अपराधी प्रकरण भी निकल कर आते है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के प्रावधान उतावलेपन से वाहन चलाने या हांकने पर लगते हैं. धारा में 6 माह तक का कारावास रखा गया है और साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी रखा गया है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें


