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Farmer Hirod Patel Story: मन की बात के 131वें एपिसोड में पीएम मोदी ने ओडिशा के किसान हिरोद पटेल की शानदार कहानी सुनाई. हिरोद ने तालाब के ऊपर नेट लगाकर सब्जियां उगाने का अनोखा तरीका विकसित किया. इस खेती में नई संभावनाएं पैदा की हैं और कम संसाधनों में अधिक आय का रास्ता दिखाया है. इस खबर में पढ़िए उनकी कहानी.
मन की बात में पीएम मोदी ने ओडिशा के किसान हिरोद पटेल की नेट फार्मिंग तकनीक की सराहना की. (फोटो PTI)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबंधोति किया. पीएम मोदी मन की बात में देशवासियों के साथ शानदार स्टोरी शेयर करते हैं. इसबार भी उन्होंने ओडिशा के एक युवा किसान की स्टोरी शेयर की है. यह कहानी ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की है. हिरोद ने तालाब को ही खेत बना दिया. अब यही प्रयोग देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है. पीएम मोदी ने इसे नई खेती क्रांति की मिसाल बताया और कहा कि भारत का किसान अब प्रयोग करने से नहीं डरता.
पीएम मोदी ने बताया कि करीब आठ साल पहले तक हिरोद अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक धान की खेती करते थे. लेकिन समय के साथ उन्होंने खेती को नए नजरिये से देखना शुरू किया. सीमित जमीन और बढ़ती लागत ने उन्हें कुछ अलग सोचने के लिए प्रेरित किया. इसी सोच से पैदा हुआ ‘नेट फार्मूला’, जिसने खेती को पूरी तरह बदल दिया.
तालाब बना खेत, नेट बना कमाई का जरिया
- पीएम मोदी ने बताया कि हिरोद पटेल ने अपने खेत के तालाब के ऊपर मजबूत जाल (नेट) का ढांचा तैयार किया. इस नेट स्ट्रक्चर पर उन्होंने बेल वाली सब्जियां उगानी शुरू कीं. नीचे पानी सुरक्षित रहा और ऊपर खेती होने लगी. इससे जमीन की बचत हुई, पानी का बेहतर उपयोग हुआ और साथ ही उत्पादन भी बढ़ा. यह मॉडल कम संसाधनों में ज्यादा आय देने वाला साबित हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि यह दिखाता है कि नवाचार सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि गांवों में भी जन्म लेता है.
- हिरोद पटेल का यह प्रयोग अब आसपास के किसानों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है. कई किसान इस मॉडल को अपनाने लगे हैं. खेती में विविधता लाने और जोखिम कम करने का यह तरीका सफल माना जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान अब तकनीक, विज्ञान और स्थानीय अनुभव को जोड़कर नई संभावनाएं बना रहे हैं. उन्होंने युवाओं से खेती को स्टार्टअप मानसिकता के साथ देखने की अपील भी की.
हिरोद पटेल का ‘नेट फार्मूला’ क्या है?
यह एक नई खेती मॉडल है इसमें तालाब के ऊपर मजबूत नेट बांधी जाती है. इस पर लौकी, करेला, तोरई जैसी बेल वाली सब्जियां उगाई जाती हैं. इससे जमीन की जरूरत कम होती है और पानी का उपयोग बेहतर तरीके से होता है. किसान एक ही जगह से दोहरा लाभ ले सकता है जैसे जल संरक्षण और सब्जी उत्पादन.
इस मॉडल से किसानों को क्या फायदा हो सकता है?
इस तकनीक से लागत घटती है और आय के नए स्रोत बनते हैं. पानी का वाष्पीकरण कम होता है. फसल सुरक्षित रहती है. मौसम का असर भी कम पड़ता है. छोटे किसानों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद है क्योंकि कम जमीन में ज्यादा उत्पादन संभव हो जाता है.
प्रधानमंत्री ने इस कहानी को क्यों खास बताया?
प्रधानमंत्री मोदी अकसर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोगों को सामने लाते हैं. उनका मानना है कि ऐसे प्रयोग देश के अन्य किसानों को प्रेरित करते हैं. हिरोद पटेल की कहानी यह दिखाती है कि नवाचार सिर्फ बड़े शहरों में नहीं बल्कि गांवों में भी हो सकता है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें


