Tips For Home: कभी-कभी घर बिल्कुल सही होने के बावजूद माहौल भारी-सा लगता है बिना वजह तनाव, कामों में रुकावट, छोटी-छोटी बातों पर मन खिन्न हो जाना. ऐसे अनुभव बहुत से लोग साझा करते हैं, लेकिन कारण समझ नहीं आता. घर की व्यवस्था, चीजों का जमाव और रोजमर्रा की आदतें भी मानसिक ऊर्जा पर असर डालती हैं. यही वजह है कि फेंगशुई जैसी पारंपरिक पद्धतियां आज फिर चर्चा में हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि घर में जमा पुरानी चीजें, टूटे सामान या अव्यवस्था धीरे-धीरे नकारात्मकता का एहसास बढ़ाती हैं. ऐसे में कुछ सरल फेंगशुई उपाय अपनाकर घर का वातावरण हल्का और सकारात्मक बनाया जा सकता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
घर की ऊर्जा क्यों होती है प्रभावित
घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होता, वह रहने वालों की दिनचर्या, भावनाओं और आदतों से जुड़ा होता है. जब चीजें अनावश्यक रूप से जमा होने लगती हैं या जगह का प्रवाह रुकता है, तो मानसिक थकान बढ़ती है. यही कारण है कि पुराने जमाने से ही घर को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जाता रहा है. फेंगशुई इसी विचार को अलग नजरिए से समझाता है जहां हर वस्तु का स्थान और स्थिति ऊर्जा संतुलन से जुड़ी मानी जाती है.
ये 5 फेंगशुई टिप्स घर का माहौल बदल सकते हैं
1. पुराने और बेकार सामान को नियमित हटाएं
बहुत से घरों में अलमारी के पीछे या स्टोर में वर्षों पुराने कपड़े, टूटे जूते या खराब घड़ियां पड़ी रहती हैं. देखने में ये छोटी बात लगती है, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से यह ठहराव का संकेत बन जाती है. फेंगशुई में माना जाता है कि बेकार चीजें रुकी ऊर्जा का प्रतीक हैं. इसलिए समय-समय पर ऐसे सामान हटाना जरूरी है.
2. बाथरूम और टॉयलेट का रखें विशेष ध्यान
घर का यह हिस्सा अक्सर अनदेखा रह जाता है, जबकि स्वच्छता और वेंटिलेशन यहां सबसे जरूरी है. दरवाजा हमेशा बंद रखना और हवा-रोशनी की व्यवस्था बनाए रखना बेहतर माना जाता है. कुछ लोग यहां नमक रखने का उपाय भी अपनाते हैं, जिसे नकारात्मकता सोखने वाला प्रतीक माना जाता है.
3. टूटा शीशा या कांच तुरंत हटाएं
टूटा शीशा सिर्फ खतरनाक ही नहीं, मनोवैज्ञानिक रूप से भी असहजता देता है. चेहरे का विकृत प्रतिबिंब आत्म-छवि पर असर डालता है. इसलिए घर में किसी भी प्रकार का टूटा कांच या शीशा न रखने की सलाह दी जाती है. साफ और सही प्रतिबिंब सकारात्मकता का एहसास बढ़ाता है.
4. सोने की जगह को रखें हल्का और खाली
बहुत लोग तकिए के नीचे मोबाइल, दवाई या अन्य चीजें रखकर सोते हैं. बिस्तर के नीचे भी सामान ठूंस दिया जाता है. इससे अवचेतन मन को आराम नहीं मिलता और नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है. फेंगशुई में सोने की जगह को शांत और अव्यवस्थित रहित रखने पर जोर दिया जाता है ताकि मन को स्थिरता मिले.
5. टपकते नल को तुरंत ठीक कराएं
लगातार टपकता पानी सिर्फ संसाधन की बर्बादी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेचैनी पैदा करता है. फेंगशुई में पानी को धन और प्रवाह का प्रतीक माना गया है, इसलिए उसका रिसाव आर्थिक असंतुलन का संकेत समझा जाता है. व्यवहारिक रूप से भी यह घर की व्यवस्था में कमी दर्शाता है, इसलिए इसे तुरंत ठीक करना चाहिए.
रोजमर्रा की आदतों से बनता है सकारात्मक घर
फेंगशुई के ये उपाय असल में जीवनशैली से जुड़े बदलाव हैं-जिनमें साफ-सफाई, व्यवस्था और ध्यान शामिल है. जिन घरों में सामान सीमित और व्यवस्थित रहता है, वहां रहने वालों का मन भी हल्का रहता है. कई लोग बताते हैं कि स्टोर रूम साफ करने या टूटा सामान हटाने के बाद घर का माहौल बदला-सा महसूस हुआ. मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि भौतिक अव्यवस्था मानसिक तनाव बढ़ाती है. इसलिए फेंगशुई को चाहें आध्यात्मिक मानें या व्यवहारिक, इसका मूल संदेश एक ही है घर को संतुलित और साफ रखें.


