यूपी के इस स्कूल में 12वीं तक मुफ्त में मिल रही शिक्षा, रहना-खाना भी फ्री, फटाफट करें आवेदन, जानिए लास्ट डेट

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Chitrakoot News: चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र के गरीब परिवारों के बच्चों के लिए बड़ी राहत है. मानिकपुर में स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मानिकपुर में नए सत्र के लिए प्रवेश शुरू हो गया है. यहां कक्षा 6 से 12 तक सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा, आवास और भोजन पूरी तरह निशुल्क मिलता है. 20 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं.

चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जहां आर्थिक तंगी बच्चों की पढ़ाई के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार बन जाती है. मजदूरी और दैनिक कमाई पर निर्भर रहने वाले अभिभावक चाहकर भी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दिला पाते हैं, हालांकि सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए अब ऐसे परिवारों को राहत मिल रही है. अगर आप भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और अपने बच्चों को इंटरमीडिएट तक मुफ्त शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बड़ा अवसर है.

बता दें कि चित्रकूट के मानिकपुर में संचालित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मानिकपुर में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यह विद्यालय पहले आश्रम पद्धति विद्यालय के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब नए स्वरूप और नाम के साथ संचालित हो रहा है.यहां कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है.विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही छात्रों का चयन किया जाएगा, खास बात यह है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा, आवास, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं.

वही इस संबंध में स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि वे भी मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ सकें.वर्तमान में 20 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. इच्छुक अभिभावक विद्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं,विद्यालय प्रशासन की ओर से ऑनलाइन आवेदन भरने में भी सहयोग दिया जा रहा है. इसके लिए बच्चे का आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है.आवेदन के बाद निर्धारित तिथि पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी और मेरिट सूची के आधार पर एडमिशन दिया जाता है.उनका कहना है कि आवासीय व्यवस्था होने के कारण दूरदराज के गांवों के छात्र भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पढ़ाई कर सकते है.और नि शुल्क शिक्षा ले सकते है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें



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