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Odisha Blast CCTV: भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा में 27 जनवरी को हुए भीषण धमाके ने अब राष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस मामले में एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो विस्फोट की भयावहता और साजिश की ओर इशारा कर रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी) ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मोर्चा संभाल लिया है। जिस मकान में धमाका हुआ, वहां एक कुख्यात हिस्ट्री शीटर रह रहा था, जो इस घटना में खुद भी घायल हुआ है
ओडिशा में ब्लास्ट का वीडियो आया है. एनआईए इसकी जांच कर रही है.
Odisha Blast News: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर का सुंदरपाड़ा इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है. 27 जनवरी को हुए उस रहस्यमयी धमाके ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जिसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी मैदान में उतरने पर मजबूर कर दिया है. इस मामले में एक नया सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) सामने आया है, जो उस भयावह मंजर की गवाही दे रहा है जिसे अब तक छिपाने की कोशिश की जा रही थी.
सूत्रों के मुताबिक, इस नए वीडियो में धमाके की तीव्रता और उसके तुरंत बाद की हलचल साफ देखी जा सकती है. नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस वीडियो का फ्रेम-दर-फ्रेम आकलन कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो न केवल धमाके के प्रकार को स्पष्ट करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी.
हिस्ट्री शीटर का कनेक्शन
27 जनवरी की उस काली शाम को जब यह धमाका हुआ, तो पूरा इलाका दहल उठा था. जिस मकान में विस्फोट हुआ, वहां एक हिस्ट्री शीटर (कुख्यात अपराधी) पहले से रह रहा था. इस धमाके में वह खुद भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, साथ ही तीन अन्य लोग भी इसकी चपेट में आए थे. फिलहाल चारों घायलों का इलाज चल रहा है, लेकिन एनआईए की दिलचस्पी इस बात में है कि एक अपराधी के ठिकाने पर इतना शक्तिशाली विस्फोटक आया कहां से?
NIA और ओडिशा पुलिस की जॉइंट स्ट्राइक
हालांकि इस मामले की मुख्य जांच अभी भी ओडिशा पुलिस के हाथों में है, लेकिन धमाके की गंभीरता और ‘टेरर एंगल’ की आशंका को देखते हुए एनआईए ने अपनी समानांतर जांच तेज कर दी है. एनआईए की टीम ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से दौरा किया है और वहां से मिट्टी व मलबे के नमूने भी इकट्ठा किए हैं. स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए की यह जुगलबंदी संकेत दे रही है कि मामला सिर्फ स्थानीय अपराध का नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी चुनौती का हो सकता है.
क्रूड बम का खुलेगा राज
एयरफील्ड पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्रूड बम क्यों बनाया जा रहा था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मलिक के खिलाफ नयापल्ली, मैत्री विहार और खंडगिरी पुलिस लिमिट में कई क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं. सबूत इकट्ठा करने और दूसरी जानकारी के लिए एक साइंटिफिक टीम मौके पर भेजी गई है. पुलिस ने कहा कि घायल लोगों के ठीक होने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी, ताकि गैर-कानूनी बम बनाने में दूसरों की संलिप्तता, अगर कोई हो, जैसी जानकारी मिल सके.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें


