देश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, जो सोमवार 16 फरवरी को उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. इसके असर से जहां पहाड़ों में बादल छाने और हल्की बारिश या बर्फबारी होने की उम्मीद है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी धीरे-धीरे विदा लेती नजर आएगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 से 19 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
कश्मीर-हिमाचल में बर्फबारी की संभावना
आईएमडी ने बताया है कि 17 से 19 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं बारिश या बर्फबारी की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 17 और 18 फरवरी को हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है.
पंजाब से राजस्थान तक बारिश के आसार
मैदानी इलाकों की बात करें तो 17 और 18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है. मध्य प्रदेश में 18 और 19 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है.
हवा के रुख में भी बदलाव देखा जा रहा है, जिससे तापमान पर असर पड़ेगा. उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, इसके बाद तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है. पश्चिमी भारत में अगले 24 घंटे तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. देश के बाकी हिस्सों में फिलहाल न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है.
दक्षिण में उमस भरी गर्मी
दक्षिण भारत में गर्म और उमस भरे मौसम का असर दिखाई देगा. तटीय कर्नाटक में 15 से 17 फरवरी के बीच और कोंकण-गोवा में 15 और 16 फरवरी को कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है. तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप और निकोबार द्वीप समूह में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होने की संभावना है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 और 17 फरवरी को तेज हवाओं (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे) के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. 18 और 19 फरवरी को भी यहां मौसम खराब रह सकता है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ उथल-पुथल भरा समुद्री मौसम रहने की संभावना है, जहां हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से सर्दी का असर धीरे-धीरे कम होता नजर आएगा. मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है.


