बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार, इधर भारत में शेख हसीना की आवामी लीग पर बड़ा एक्शन

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बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के बाद वहां मंगलवार को बीएनपी लीडर तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है. इस बीच भारत में आवामी लीग के सदस्यों पर बड़ा एक्शन हुआ है. बांग्लादेश की मौजूदा सरकार भारत से लगातार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी आवामी लीग पर एक्शन की मांग कर रही है. ऐसे में आवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ इस एक्शन से काफी अहम माना जा रहा है. तारिक रहमान मंगलवार को शपथ लेंगे. इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शिरकत करेंगे.

दरअसल, कोलकाता में अवैध रूप से ठहरने के आरोप में आवामी लीग से जुड़े छह बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. गिरफ्तारी सोमवार की सुबह पार्क स्ट्रीट थाने की टीम ने सेंट्रल कोलकाता के कोलिन स्ट्रीट स्थित एक होटल पर छापेमारी के दौरान की. पुलिस को सूचना मिली थी कि छह बांग्लादेशी नागरिक शहर में छिपे हुए हैं और अपने वीजा समाप्त होने के बाद भी देश वापस नहीं लौट रहे हैं. वे बांग्लादेश लौटने से डर रहे थे. प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये सभी युवक आवामी लीग के सदस्य हैं. बांग्लादेश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता के बाद वे मेडिकल वीजा पर कोलकाता आए थे, जहां हमले या उत्पीड़न का डर था.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अबीर हुसैन, मोहम्मद ममून राशिद, मोहम्मद अलीमुन गाजी, आजम मोल्लाह, फैजल अमीन और जायदुल इस्लाम के रूप में हुई है. इनमें से आजम मोल्लाह एक बांग्लादेशी गायक हैं. गिरफ्तारी के समय आजम ने अपनी गिटार को छोड़ने से इनकार कर दिया और पार्क स्ट्रीट थाने के अधिकारियों से गाना गाने की अनुमति मांगी. हालांकि, बैंकशॉल कोर्ट में पेश किए जाने पर जज ने सभी छह को 27 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति 25 से 35 वर्ष की आयु के बीच हैं और मुख्य रूप से नोआखाली तथा टंगाइल जिलों के निवासी हैं. ये सभी पिछले साल अलग-अलग बांग्लादेश से निकले थे, जहां राजनीतिक उथल-पुथल और असुरक्षा का माहौल था. उन्होंने बीमारी के इलाज के बहाने मेडिकल वीजा पर भारत प्रवेश किया. कोलकाता पहुंचने के बाद वे एक-दूसरे से संपर्क में आए और विभिन्न होटलों में ठहरने लगे. कुछ ने यहां काम की तलाश भी की. गायक आजम मोल्लाह परिचितों के सर्कल में गाना गाते रहे. उनके वीजा नवंबर 2025 से समाप्त होने शुरू हुए और जनवरी 2026 तक सभी के वीजा एक्सपायर हो गए. लेकिन बांग्लादेश में अपनी जान को खतरा होने के कारण कोई भी वापस नहीं लौटना चाहता था.

करीब सात दिन पहले वे कोलिन स्ट्रीट के एक होटल में एक साथ ठहर गए, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद भी ये सभी आवामी लीग सदस्य पुलिस को बता रहे हैं कि वे बांग्लादेश नहीं लौटना चाहते. हालांकि, कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कानून के अनुसार उनकी सजा पूरी होने के बाद ‘पुश बैक’ की प्रक्रिया जारी रहेगी और उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा.

बांग्लादेश में 2024 के बाद से राजनीतिक परिवर्तन और अस्थिरता के कारण कई लोग, खासकर पूर्व सत्ताधारी आवामी लीग से जुड़े, पड़ोसी देशों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं. भारत में अवैध रूप से ठहरने वाले विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है. हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बांग्लादेशी नागरिकों को विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया है.

पुलिस ने छह वैध बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद किए हैं. जांच में आगे पता लगाया जा रहा है कि क्या वे किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे या सिर्फ वीजा ओवरस्टे का मामला है. कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की तैयारी है.



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