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Ghaziabad News: साहिबाबाद साइट-4 इंडस्ट्रियल एरिया में 12 करोड़ की लागत से बन रही पुलिया का काम 7 महीने बाद भी अधूरा है. अगस्त से जारी निर्माण और रूट डायवर्जन के कारण उद्यमी और स्थानीय लोग भारी ट्रैफिक जाम और आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं. यूपीसीडा (UPSIDC) ने देरी के लिए ग्रैप (GRAP) और तकनीकी बाधाओं को जिम्मेदार ठहराया है. अब प्रशासन ने मार्च तक काम पूरा करने की नई डेडलाइन दी है.
फोटो-AI
Ghaziabad News: साहिबाबाद साइट-4 इंडस्ट्रियल एरिया में पिछले सात महीनों से चल रहा पुलिया निर्माण का कार्य अब स्थानीय उद्यमियों और राहगीरों के लिए गले की फांस बन गया है. जिस प्रोजेक्ट को महज 5-6 महीनों में पूरा करने का दावा किया गया था, वह अब देरी के चलते नई डेडलाइन की तरफ बढ़ रहा है. लंबे समय से चल रहे रूट डायवर्जन के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों की लॉजिस्टिक लागत भी बढ़ रही है.
12 करोड़ का प्रोजेक्ट और अधूरी उम्मीदें
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) द्वारा पिछले साल अगस्त में इस पुलिया का निर्माण शुरू कराया गया था. 12 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाले इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना था. शुरुआत में अधिकारियों ने दावा किया था कि काम 6 महीने के भीतर पूरा हो जाएगा, लेकिन अगस्त 2025 से शुरू हुआ यह काम फरवरी बीतने के बाद भी अधूरा है. कार्यदायी संस्था ‘सेतु निगम’ पर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर काम की गति इतनी धीमी क्यों है.
निर्माण कार्य के चलते ट्रांस हिंडन के लोगों को लंबे समय से रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ रहा है. साहिबाबाद साइट-4 के उद्यमियों का कहना है कि पुलिया के न बनने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों को लंबा चक्कर काटकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है. इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन पर होने वाला खर्च भी बढ़ गया है. उद्यमियों ने उम्मीद जताई है कि यदि पुलिया जल्द बनकर तैयार हो जाती है, तो लॉजिस्टिक लागत में बड़ी कमी आएगी और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
देरी के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
यूपीसीडा और निर्माण संस्था के अनुसार, देरी के पीछे कई तकनीकी और पर्यावरणीय कारण रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में बारिश के चलते काम प्रभावित हुआ. प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के कारण निर्माण कार्य को कई बार रोकना पड़ा. इतना ही नहीं, बीच-बीच में लेबर की कमी के चलते निर्माण की रफ्तार भी रूक गई. यूपीसीडा के डीजीएम आरएस यादव के अनुसार, कुछ उद्योगों की तरफ से काम में हस्तक्षेप किया गया, जिससे देरी हुई.
अब मार्च की डेडलाइन, क्या पूरा होगा काम?
ताजा अपडेट के अनुसार, पुलिया पर स्लैब डालने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है और अब सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाना है. अधिकारियों ने अब दावा किया है कि मार्च के अंत तक हर हाल में पुलिया को जनता के लिए खोल दिया जाएगा. यह पुलिया नाले के दोनों ओर के सेक्टरों को सीधा जोड़ेगी, जिससे बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव और ट्रैफिक के दबाव से बड़ी राहत मिलेगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


