Public Opinion: यूरोपियन कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक पर ब्रेक! मुगलसराय में लोगों का फूटा गुस्सा, जानिए पूरा मामला

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चंदौली. जिले के मुगलसराय रेलवे के यूरोपियन कॉलोनी और बाकले खेल मैदान में टहलने आने वाले लोगों का प्रवेश रोक दिए जाने से लोगों ने नाराजगी जताई है और कहा है कि यदि तानाशाही रवैया को नहीं छोड़ा गया और टहलने पर रोक लगाई जाएगी, तो रेलवे के अधिकारियों को बाजार आने से रोक दिया जाएगा.

दरअसल, रेलवे लगातार अपने इलाके को सुरक्षित करने के लिए रेल परिसर को बाउंड्री कर घेरने में लगी है. इसी क्रम में रेलवे के सबसे वीआईपी कॉलोनी माने जाने वाले इलाके को बाउंडीवाल और बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया है. नगर के अधिकतर लोग सुबह यूरोपियन कॉलोनी में बाकले खेल मैदान के आस पास टहलने के लिए जाते हैं. वहीं, स्थानीय लोगों ने Local 18 से बातचीत में इसको लेकर अपनी नाराजगी खुलकर रखीं.

लोग यहां पसंद करते हैं टहलना 
स्थानीय निवासी संतोष पाठक ने बताया कि यह बाकाले ग्राउंड यूरोपियन कॉलोनी के अंतर्गत आता है, जहां रेलवे कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं. उन्होंने कहा कि जब से यह कॉलोनी बसी है, तब से नगर के लोग यहां सुबह की सैर और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते रहे हैं. यहां खुली हवा है, पेड़-पौधे हैं और शहर की तुलना में साफ-सफाई बेहतर है. नगर में गंदगी अधिक है, इसलिए लोग वहां जाने के बजाय यहां टहलना पसंद करते हैं.

हमारा भी दायित्व है उनकी सुरक्षा 
पाठक ने आरोप लगाया कि हाल ही में डीआरएम की ओर से पूरे कैंपस को बाहरी लोगों के लिए सील कर दिया गया था, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हुई. उन्होंने बताया कि जो लोग यहां टहलने आते हैं, उनसे किसी प्रकार का सुरक्षा खतरा नहीं है. यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. अगर कोई अवांछित तत्व है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कीजिए, लेकिन आम लोगों की एंट्री बंद करना सही नहीं है. यहां हमारे ही भाई-बंधु, माताएं और बहनें रहती हैं. उनकी सुरक्षा हमारा भी दायित्व है.

सार्वजनिक पार्क किए जाए विकसित 
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि कई दिनों बाद डीआरएम ने आंशिक रूप से अनुमति दी है. अब सुबह 5 से 9 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक बाहरी लोगों को प्रवेश की इजाजत दी गई है. इसके लिए उन्होंने डीआरएम का धन्यवाद भी दिया, लेकिन साथ ही नगर के जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि नगर में कम से कम ऐसे सार्वजनिक पार्क विकसित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों को सैर के लिए विकल्प मिल सकें.

अंग्रेजों के समय से चली आ रही यह परंपरा 
वहीं, स्थानीय निवासी आशीष गुप्ता ने भी प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि स्थिति अस्थिर बनी हुई है और कभी भी दोबारा पाबंदी लगाई जा सकती है. मुगलसराय की इस यूरोपियन कॉलोनी में लोग सैकड़ों वर्षों से टहलते आ रहे हैं. अंग्रेजों के समय से यह परंपरा चली आ रही है. कई पीढ़ियां यहां सैर करती रही हैं, लेकिन तब कभी रोक नहीं लगी.

आम नागरिक को यहां टहलने का है अधिकार 
गुप्ता ने सवाल किया कि जब रेलवे की अन्य कॉलोनियों में ऐसी पाबंदी नहीं है, तो यहां अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं. अगर कोई नियम है, तो वह सब पर समान रूप से लागू होना चाहिए. सुरक्षा रखिए, लेकिन लोगों के अधिकारों का हनन मत कीजिए. यह सार्वजनिक संपत्ति है और आम नागरिक को यहां टहलने का अधिकार है. वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपनी व्यवस्था को बनाए रखते हुए सुरक्षा प्रबंधन लागू करने की मांग की है.



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