High Yield Brinjal Varieties | Baingan Ki Kheti | बैंगन की खेती | अधिक पैदावार देने वाली बैंगन किस्म |

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स्वर्ण शक्ति से पंत सम्राट तक, बैंगन की ये किस्में किसानों के लिए है गेमचेंजर!

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Profitable Brinjal Varieties: बैंगन की खेती किसानों के लिए 12 महीने कमाई का जरिया है, लेकिन गर्मियों के सीजन में सही किस्म का चुनाव आपकी किस्मत बदल सकता है. जिला रक्षा अधिकारी विजय कुमार के अनुसार, कुछ ऐसी हाइब्रिड किस्में हैं जो न केवल 55-60 दिनों में तैयार हो जाती हैं, बल्कि प्रति हेक्टेयर 750 क्विंटल तक की बंपर पैदावार भी देती हैं. चाहे गोल चमकीला पूसा हाइब्रिड हो या लंबी किस्म वाला पंत सम्राट, इन उन्नत बीजों के जरिए किसान कम लागत में लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं. जानिए बैंगन की उन टॉप 5 किस्मों के बारे में, जिनकी बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड रहती है.

आजकल के दौर में सब्जियों की खेती किसानों के लिए कम समय में मोटी कमाई करने का सबसे अच्छा रास्ता बन गई है. इसमें भी बैंगन एक ऐसी फसल है जिसकी मांग साल के बारहों महीने मंडियों में बनी रहती है. खासकर गर्मियों के मौसम में जब दूसरी सब्जियों के दाम आसमान छूते हैं, तब बैंगन की सही किस्मों का चुनाव किसानों की किस्मत बदल सकता है. बैंगन की खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसकी रोपाई के कुछ ही हफ्तों बाद फल आने शुरू हो जाते हैं, जिससे किसानों की जेब में पैसा जल्दी आने लगता है. अगर सही तकनीक और उन्नत बीजों का इस्तेमाल किया जाए, तो कम लागत में यह खेती लाखों का मुनाफा दे सकती है.

जिला रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गर्मियों के सीजन में देशी और हाइब्रिड बैंगन की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. इसकी बिक्री बाजार में इसलिए ज्यादा होती है क्योंकि यह हर घर की पसंद है. विजय कुमार के अनुसार, अगर किसान भाई इस महीने बैंगन की उन्नत किस्मों की रोपाई करते हैं, तो वे कम समय में बहुत अधिक पैदावार ले सकते हैं. इन खास किस्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनके फल दिखने में सुंदर, चमकदार और वजनदार होते हैं, जिससे बाजार में इनका बहुत अच्छा भाव मिलता है.

पूसा हाइब्रिड-6 यह बैंगन की एक बेहतरीन संकर (Hybrid) किस्म है. इसके पौधे एकदम सीधे खड़े होते हैं, जिससे खेत में प्रबंधन करना आसान होता है. इसके फल गोल, चमकदार और बैंगनी रंग के होते हैं जो ग्राहकों को तुरंत आकर्षित करते हैं. एक फल का वजन लगभग 200 ग्राम तक होता है. अगर आप इसकी बुवाई सही तरीके से करते हैं, तो प्रति हेक्टेयर 40 से 60 टन तक की शानदार पैदावार ली जा सकती है.

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अगर आप लंबे बैंगन की खेती करना चाहते हैं, तो ‘पंत सम्राट’ एक बहुत अच्छा विकल्प है. इसके पौधे 80-120 सेंटीमीटर तक होते हैं और फल का रंग गहरा बैंगनी होता है. रोपाई के लगभग 70 दिन बाद इसकी पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. यह किस्म प्रति हेक्टेयर लगभग 30 टन तक की उपज दे देती है. इसकी मांग होटल और रेस्टोरेंट में बहुत ज्यादा रहती है.

स्वर्ण शक्ति किस्म बैंगन की इस हाइब्रिड किस्म की पैदावार अच्छी होती है. इसके पौधे करीब 70-80 सेंटीमीटर लंबे होते हैं. इसके फल मध्यम आकार के चमकदार बैंगनी रंग के होते हैं. एक बैंगन का वजन करीब 150-200 ग्राम होता है. इससे प्रति हेक्टेयर करीब 700-750 क्विंटल उपज प्राप्त हो सकती है. वहीं इसकी फसल 55 -60 दिनों में तैयार हो जाता है.

अर्का नवनीत किस्म के बैंगन गोल और बहुत चमकीले होते हैं. इनके फल का औसत वजन काफी ज्यादा यानी 350 से 400 ग्राम तक होता है. इस किस्म के बैंगन की सब्जी बहुत स्वादिष्ट बनती है, इसलिए स्थानीय बाजारों में इसकी मांग हमेशा रहती है. पैदावार की बात करें तो यह प्रति हेक्टेयर 63 से 65 टन तक फल दे देती है.

पूसा उत्तम 31 यह किस्म खास तौर पर उत्तरी और पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों के लिए तैयार की गई है. इसके फल अंडाकार गोल और गहरे बैंगनी रंग के होते हैं. हालांकि इसकी पहली तुड़ाई में 80 से 90 दिन का समय लगता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता बहुत लाजवाब होती है. यह किस्म प्रति हेक्टेयर लगभग 43 टन की पैदावार देने की क्षमता रखती है.



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