वाराणसी: चंद्रग्रहण वैसे तो एक खगोलीय घटना है. मगर, ज्योतिषशास्त्र में इसका विशेष महत्व होता है. साल 2026 में रंगों के त्योहार होली से पहले साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है. यह ग्रहण अलग-अलग देशों में अलग-अलग समय पर देखने को मिलेगा. भारत में भी यह चंद्रग्रहण दिखाई देगा. हालांकि, इसकी अवधि काफी कम होगी. महज कुछ मिनटों तक ही यह ग्रहण देश में दिखेगा.
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित विनय पांडेय ने बताया कि 3 मार्च को लगने वाला ग्रहण ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्रग्रहण है. वैसे तो इस ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर हो रहा है और इसका समापन 6 बजकर 47 मिनट पर होगा. मगर, भारत में यह ग्रहण शाम 5 बजकर 59 मिनट पर चंद्रोदय के साथ शुरू होगा जो 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.
इतनी देर पहले लगेगा सूतक काल
चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल की शुरुआत हो जाती है. सूतक काल में भोजन बनाना और मंदिरों में पूजा अनुष्ठान करना मना होता है. सूतक काल की शुरुआत के साथ ही मंदिरों के कपाट भी बंद हो जाते हैं. धार्मिक मान्यता है ग्रहण के दौरान जप और तप का विशेष महत्व होता है.
इन देशों में भी दिखेगा ग्रहण
यह चंद्रग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया,आस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी अटलांटिक महासागर, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, रूस, कजानिस्तान, अमेरिका, ब्राजील, ग्रीनलैंड और अफगानिस्तान में यह ग्रहण अलग-अलग समय पर दिखाई देगा.
चंद्रग्रहण के बाद करें स्नान और दान
चंद्रग्रहण के बाद गंगा स्नान जरूर करना चाहिए. यदि आप गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते तो घर पर भी बाल्टी में गंगाजल की कुछ बूंदों को डाल लें. उस जल से ही स्नान करना चाहिए. गंगा स्नान के बाद जरूरतमंद को दान भी करना चाहिए. इसके अलावा, ग्रहण काल के दौरान जप और तप भी करना चाहिए. इससे मंत्रों की सिद्धियां होती है.
चंद्रग्रहण का सीधा असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. कुछ राशि वालों पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ेगा. यह ग्रहण मेष,कन्या और मकर राशि वालों के लिए ज्यादा ऑफत लाएगी. मेष राशि वालों को मानसिक चिंता होगी. वहीं कन्या राशि वालों को धन हानि की संभावना है. बात मकर राशि वालों कि करें तो उन्हें इस ग्रहण के बाद रोग व्याधि की समस्या होगी.


